कानून-व्यवस्था पर हाईकोर्ट की फटकार के बाद अफसरों ने लापरवाह पुलिसवालों पर कार्रवाई शुरू कर दी है। सोमवार को एसएसपी मोहित अग्रवाल ने निरीक्षण किया तो पाया कि गश्ती दल के 15 पुलिसवाले ड्यूटी से गायब हैं।
उन पर छेड़खानी रोकने, महिलाओं की सुरक्षा और सड़कों पर होने वाली घटनाएं रोकने की जिम्मेदारी थी। लापरवाही से नाराज एसएसपी ने 15 पुलिसवालों को निलंबित कर दिया।
यह कार्रवाई हाईकोर्ट की उस सख्त टिप्पणी के बाद हुई जिसमें न्यायालय ने कहा था कि यही हाल रहा तो पुलिस पर कोई भरोसा नहीं करेगा। अपने बचाव में लोग खुद ही फैसले करने लगेंगे।
न्यायालय ने सरेराह घंटों लड़की को सड़क पर दौड़ाने और पुलिस की तरफ से कोई सहायता न मिलने के मामले में यह टिप्पणी की थी।
एजी आफिस जैसे पॉश इलाके से मम्फो़र्डगंज तक लड़की को दौड़ाया गया और पुलिस को भनक तक न लगी।
लड़की ने 100 नंबर डायल किया तो कोई हेल्प नहीं मिली। लड़की ने अपने पिता को फोन किया। पिता पहुंचे तो शोहदों ने उन्हें ही पीट दिया।
हाईकोर्ट ने इस मामले को गंभीरता से लिया और अधिकारियों ने पुलिसवालों की जिम्मेदारी तय करने को कहा।
यह पूछा गया कि आखिर उस दौरान गश्ती पुलिस कहां थी। हाईकोर्ट की फटकार के बाद सोमवार को जब एसएसपी ने शहर में निरीक्षण किया तो पाया कि गश्ती दल के ज्यादातर पुलिसवाले ड्यूटी पर हैं ही नहीं।
ऐसे में सड़क पर छेड़खानी हो या छिनैती, पुलिस से सहायता कैसे मिल सकती है। पुलिसवालों की लापरवाही से नाराज एसएसपी ने गड़बड़ी मिलने पर 16 अन्य कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई को कहा है।