न्यायालय ने दारोगा पर हमलावर हुए एक आरोपी को दो साल की कै द और अर्थदंड की सजा सुनाई है।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक 9 मई 2008 को एक एसआई राजेंद्र प्रसाद सारस्वत एक झगड़े के मामले की जांच करने के लिए जब सासनी के मोहल्ला चामड़ वाला में गए तो वहां देखा कि राजबहादुर से भीका पुत्र बंगाली झगड़ रहा था।
पुलिस ने जब उसे गिरफ्तार करने की कोशिश की तो वह और ज्यादा उत्तेजित हो गया। इतना ही नहीं, वह पुलिस पर हमलावर हो गया और गिरफ्तारी का विरोध करने लगा।
उसने दारोगा राजेंद्र प्रसाद सारस्वत के बाएं हाथ की उंगली को मुंह में चबा लिया। दूसरे दारोगा ऋषिपाल ने काफी प्रयास के बाद उसका मुंह खुलवाया। भीका ने दारोगा की उंगली को चबाकर काट दिया था। इससे खून बहने लगा।
इस मामले में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना के बाद आरोप पत्र दाखिल किया। मामले की सुनवाई अपर जिला जज चतुर्थ गौरीशंकर गुप्ता के न्यायालय में हुई।
न्यायालय ने भीका को धारा 332 का दोषी पाते हुए दो साल की कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है।