निकायों में अब खाली पदों का ब्योरा आनलाइन होगा। ऐसे निकायों में मनमाने तरीके से होने वाली भर्तियों पर रोक लगाने के मकसद से किया जा रहा है।
निकायों में कितने पद हैं, कितने खाली हैं और कौन कर्मचारी कब रिटायर हो रहा है इसका पूरा ब्योरा अब ऑनलाइन होगा। यही नहीं निकाय भर्ती से पहले स्थानीय निकाय निदेशालय या नगर विकास विभाग से अनुमति लेंगे।
इसके बाद ही रिक्त पदों पर भर्ती हो सकेगी। निकाय निदेशक नरेंद्र कुमार सिंह कहते हैं कि नियुक्तियों में पारदर्शी व्यवस्था लागू करने के लिए निकायवार ब्योरे एकत्र कराए जा रहे हैं।
प्रदेश में 630 निकाय हैं। नगर निगमों में नगर आयुक्त और पालिका परिषद व नगर पंचायत में चेयरमैन अपने हिसाब से भर्तियां करते रहते हैं।
निकायों में पदों के अनुरूप कितने कर्मचारी कार्यरत हैं, इसका पूरा ब्योरा मांगने के बाद भी उपलब्ध नहीं कराया जाता है। मनमानी की शिकायतें मिलती रहती हैं। इसलिए भर्तियों से संबंधित ब्योरा ऑनलाइन कर दिया जाएगा।
नगर आयुक्तों से छिनेगा अधिकार
नियमानुसार नगर आयुक्त जरूरत के आधार पर 11 माह के लिए कर्मियों को रख सकता है। प्रदेश के अधिकतर नगर निगमों में इसका दुरुपयोग हो रहा है।
नगर आयुक्त कर्मचारियों को रख तो लेते हैं, लेकिन बाद में इन कर्मियों सेवाएं समाप्त नहीं की जाती हैं।
ऐसे कर्मचारी लगातार कुछ सालों तक काम करने के बाद स्थायी करने के लिए कोर्ट का सहारा लेते हैं। अब राज्य सरकार नगर आयुक्तों से यह अधिकार छीनना चाहती है। इस संबंध में नियमावली में संशोधन किया जा रहा है।