फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फजीहत के बाद डैमेज कंट्रोल में जुटी यूपी की अखिलेश सरकार

Mon, 12 Aug 2013 10:47 AM IST
गाजियाबाद/डीपी आर्य
विज्ञापन
विज्ञापन
गौतमबुद्धनगर में खनन मिलने के बाद फजीहत झेल रही उत्तर प्रदेश सरकार अब डैमेज कंट्रोल में जुट गई है। खनन अधिकारियों के अलग-अलग बयानों से सरकार को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
विज्ञापन


अंदर की कई बातें बाहर आ रही हैं, जिनको संभालना आसान नहीं है। ऐसे में सूबे के सभी खनन अफसरों को एक सुर में बोलने के निर्देश दिए जाएंगे। इनको मंगलवार को लखनऊ तलब किया गया है। जहां पर खनन मंत्री और सचिव इनको गुप्त बैठक में पाठ पढ़ाएंगे।

गौतमबुद्धनगर का मामला अखिलेश सरकार के गले की फांस बन गया है। दुर्गाशक्ति नागपाल को सस्पेंड करने से चौतरफा घिरी सरकार को यहां खनन केसबूत मिलने ने और घेर लिया है।
विज्ञापन


सूत्रों की मानें तो गौतमबुद्धनगर में खनन में सपा के वरिष्ठ नेताओं और उनकेसंबंधियों के नाम भी सामने आ रहे हैं। इसके साथ ही गाजियाबाद, बुलंदशहर, हापुड़ और अलीगढ़ जिलों में हो रहा खनन शासन को सिरदर्द बना है।

जिला खनन अधिकारियों को एक सुर में बोलने और शासन की गाइडलाइन समझाने के लिए मंगलवार को लखनऊ में गुप्त बैठक बुलाई गई है।

बैठक को खनन मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति और खनन सचिव संबोधित करेंगे। प्रदेश में खनन को लेकर हाई अलर्ट घोषित करने के बाद अब सरकार जिला खनन अधिकारियों की मार्फत खनन रोकने में अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति और माफियाओं से संबंध न होने के साथ ही पाक-साफ दिखने का प्रयास कर रही है।

धवन किसकी शह पर कर रहा था खनन?
लोनी क्षेत्र में अवैध खनन हाईकोर्ट की रोक के बावजूद लगातार जारी था।

अमर उजाला के सहयोग से राजेश योगीराज की आरटीआई में दी जानकारी में जिला खनन अधिकारी बालू खुदाई बंद होने का दावा कर रहे हैं, जबकि सब जानते हैं कि अरविंद धवन अपने पट्टे के नाम पर खनन लगातार करता रहा।

पिछले सप्ताह मामले के तूल पकड़ने के बाद ही खनन रोका गया है। जनसूचना अधिकार संख्या एकएआर-17 में जिला खनन अधिकारी एके सिंह का कहना है कि चार अप्रैल 2013 को हाईकोर्ट के आदेश के बाद लोनी में खनन को रोक दिया गया था।

क्षेत्र के लोगों का कहना है कि दिनरात खनन जारी रहा। एक दिन केलिए भी खनन नहीं रोका गया था। साथ ही प्रशासन ने स्वीकार किया है कि 55663.50 घनमीटर मिट्टी खुदाई की अनुमति थी जबकि उसने 4839 घन मीटर अतिरिक्त खनन कर लिया।

दरअसल अरविंद खनन को अफसरों और राजनेताओं का संरक्षण प्राप्त है। सत्ता के एक प्रभावशाली मंत्री के साझेदारी की चर्चाएं भी जोर पकड़ रही हैं। यही कारण रहा कि अवैध खनन लगातार जारी रहा।
विज्ञापन


स्टे के दौरान खनन बंद था। 22 जुलाई को स्टे खुलने के बाद दोबारा शुरू किया गया।- अरविंद धवन

स्टे के दौरान किसी को खनन नहीं करने दिया गया था। अवैध खनन के आंकड़े सही है, इसको करने वालों की जांच की जा रही है।- एके सिंह, जिला खनन अधिकारी।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें