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यूपी चुनाव : जिन्ना, गर्मी-चर्बी और साइकिल के बाद कपड़ों के रंग तक पहुंची जुबानी जंग, जानिए अब तक कैसे चढ़ा सियासी पारा?

इलेक्शन डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: हिमांशु मिश्रा Updated Mon, 28 Feb 2022 04:54 PM IST

सार

उत्तर प्रदेश में पांच चरणों का चुनाव हो चुका है। अब बाकी दो चरणों का चुनाव पूर्वांचल में होना है। इसको लेकर सियासी पारा हाई है। नेताओं के बीच जुबानी जंग भी तेज हो गई है। 
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उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 - फोटो : अमर उजाला

- अखिलेश यादव, सपा मुखिया  
  • 'गजवा-ए-हिन्द' का सपना देखने वाले 'तालिबानी सोच' के 'मजहबी उन्मादी' यह बात गांठ बांध लें, वो रहें या न रहें, भारत शरीयत के हिसाब से नहीं, संविधान के हिसाब से ही चलेगा। जय श्री राम!’ -योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री
 
  • 'जो नमक सरकार की ओर से दिया गया है, वो नुकसान पहुंचाने के लिए दिया गया है। उस नमक को जनता बोरे में भरकर रखे और सात मार्च के दिन प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को गड्डा खोदकर उसमें उन्हें डाल दें और ऊपर से नमक डाल दें।'  - अजय राय, कांग्रेस प्रत्याशी वाराणसी
 
  • ये गर्मी जो अभी कैराना में और मुजफ्फरनगर में दिखाई दे रही है ना ये सब शांत हो जाएगी। क्योंकि गर्मी कैसे शांत होगी ये तो मैं जानता हूं। मैं मई और जून में भी इसको शिमला बना देता हूं। - योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
 
  • योगी बाबा जो कह रहे हैं कि इनकी गर्मी निकला दूंगा और मई-जून में शिमाल जैसी ठंड हो जाएगी। मुझे लग रहा है कि पिछले हफ्ते जो ठंड आई थी, इनका माथा बहुत बड़ा है, इनको ही ठंड लग गई। ऐसा भर-भर के वोट दो कि भारतीय जनता पार्टी की जो चर्बी चढ़ रही है, सारे नेताओं की चर्बी उतार दो आप। - जयंत चौधरी, अध्यक्ष आरएलडी
 
  • 'सरदार वल्लभ भाई पटेल, महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू और (मोहम्मद अली) जिन्ना ने एक ही संस्थान से पढ़ाई की और बैरिस्टर बने और उन्होंने आजादी दिलाई। उन्हें आजादी के लिए किसी भी तरीके से संघर्ष करना पड़ा होगा तो पीछे नहीं हटे। एक विचारधारा जिस पर अगर किसी ने पाबंदी लगाई थी तो लौह पुरुष सरदार पटेल ने उस विचारधारा पर पाबंदी लगाने का काम किया था।’ - अखिलेश यादव, सपा मुखिया
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