मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस बयान पर राजनीति तेज हो गई है कि यह चुनाव ‘80 फीसदी बनाम 20 फीसदी’ के बीच है। मुख्यमंत्री के इस बयान का आशय चाहे जो भी रहा हो, लेकिन सामान्य लोगों के बीच इसका अर्थ यही लगाया जा रहा है कि वे इस चुनाव को ‘हिदू बनाम मुस्लिम’ की तर्ज पर ले जाना चाहते हैं। भाजपा नेताओं की ओर से पहले भी इस तरह की बयानबाजी हुई है। सभी राजनीतिक दलों की ओर से मुख्यमंत्री के इस बयान की तीव्र आलोचना हुई है।
प्रमोद कृष्णम ने कहा कि प्रियंका गांधी ने उत्तर प्रदेश का प्रभार संभालने के साथ ही कड़ी मेहनत की। पूरे कोरोना काल में वे जमीनी संघर्ष करती रहीं और योगी आदित्यनाथ सरकार पर हमले करती रहीं। इससे एक बार कांग्रेस यूपी में मुख्य विपक्ष की भूमिका में आती दिखाई पड़ी। लेकिन भाजपा जानबूझकर मामला भाजपा बनाम सपा दिखाना चाहती है, क्योंकि उसके लिए सपा से लड़ना आसान है। वह समाजवादी पार्टी पर अखिलेश सरकार में गुंडागर्दी होने, महिलाओं से छेड़छाड़ और भ्रष्टाचार होने के आरोप लगा सकती है, लेकिन वह चाहकर भी कांग्रेस पर यही आरोप नहीं मढ़ सकती। यही कारण है कि जानबूझकर भाजपा नेता ही पूरे चुनाव में अपने सामने सपा को केंद्रित रखना चाहते हैं।
सहारनपुर के कद्दावर नेता इमरान मसूद ने सोमवार को कांग्रेस का साथ छोड़कर समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया। मसूद ने कहा कि भाजपा को रोकने के लिए केवल समाजवादी पार्टी ही सक्षम है, इसीलिए वे अब समाजवादी पार्टी का दामन थाम रहे हैं। लेकिन कांग्रेस नेता का कहना है कि राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा का विकल्प बनने में केवल कांग्रेस ही सक्षम है। उसने भाजपा को अकेले दम पर राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश से सत्ता से हटाकर दिखाया है। महाराष्ट्र और झारखंड में भाजपा को सत्ता से हटाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस बार भी कांग्रेस अपने दम पर उत्तराखंड में भाजपा से सत्ता छीन सकती है तो पंजाब में उसकी सरकार बने रहने के आसार हैं।
वहीं, भाजपा नेता शैलेंद्र शर्मा का कहना है कि भाजपा कभी संप्रदाय के आधार पर विभाजन की राजनीति नहीं करती। यह राजनीति कांग्रेस और सपा के कार्यकाल में हुआ करती थी, जहां एक धर्म विशेष के लोगों को विशेष लाभ दिया जाता था, जबकि हिंदू बहुल जनता का अपमान किया जाता था। भाजपा के जन्म के समय से ही अयोध्या-काशी-मथुरा के विषय पार्टी की वैचारिक सोच का आधार रहे हैं। भाजपा ने अपना यह वैचारिक आधार कभी नहीं छिपाया और खुलकर इन मुद्दों पर जनता के बीच जागृति पैदा की। ऐसे में उस पर आज यह आरोप नहीं लगाया जा सकता कि उसने केवल चुनावी जीत के लिए इन मुद्दों को उठाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता अपने सामने रिकॉर्ड स्तर पर हाई-वे, मेडिकल कॉलेज, एयरपोर्ट, आयुध निर्माण फैक्ट्रियों को बनते देख रही है। सरकार का लक्ष्य धार्मिक स्थलों के विकास के जरिए पर्यटन को बढ़ावा देकर प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार का निर्माण करना है। इसे गलत दृष्टि से नहीं देखना चाहिए।