बसपा के राज्यसभा सांसद अशोक सिद्धार्थ ने अमर उजाला से बातचीत में आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी के शासन को जंगलराज कहा जाता था, क्योंकि अखिलेश यादव के शासनकाल में अपराधियों को खुली छूट मिली हुई थी। मंत्री तक बलात्कारियों के बचाव में खड़े नजर आते थे। इस वीभत्स स्थिति से बचाने के लिए जनता ने भाजपा को अवसर दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि, अब तक का अनुभव बताता है कि योगी आदित्यनाथ के शासनकाल में सपा का जंगलराज अपना रूप बदलकर नए तरीके से जनता के सामने आ गया है।
अब पुलिस ही अपराधियों वाला काम करने लगी है। हाथरस कांड बताता है कि किस प्रकार न्याय दिलाने वाले लोगों ने ही अपराधियों को बचाने का काम किया है। आज भी प्रदेश में लगातार अपराध हो रहे हैं, बहन-बेटियों से छेड़छाड़ हो रही है और जनता बेबस होकर देख रही है। बसपा नेता ने कहा कि आज प्रदेश की जनता बहन जी की तरफ उम्मीद भरी निगाहों से देख रही है और उन्हें पूरी उम्मीद है कि सपा-भाजपा से निराश जनता उन्हें अवसर देगी।
बसपा के पूर्वांचल क्षेत्र के प्रभारी अशोक सिद्धार्थ ने कहा कि प्रदेश के 21 फीसदी दलित और 15 फीसदी ब्राह्मणों की ताकत एक साथ मिल गई है। मुस्लिमों के साथ-साथ समाज के अन्य वर्गों से भी उन्हें पूरा समर्थन मिल रहा है। उन्हें विश्वास है कि अपराध, बेरोजगारी से जूझती जनता मायावती को भारी समर्थन से जिताएगी।
योगी आदित्यनाथ की पहचान है कठोर कार्रवाई
भाजपा नेता शैलेंद्र शर्मा ने कहा कि मायावती का कानून-व्यवस्था के नाम पर दुहाई देना 'सौ चूहे खाकर हज जाने' वाली कहावत को सही साबित करने जैसा है। जनता ने देखा है कि किस प्रकार मायावती ने अपनी राजनीतिक यात्रा में अपराधियों का साथ लिया। बड़े-बड़े अपराधी जिन्हें कहीं टिकट नहीं मिलता था, वे पैसे के बल पर बहुजन समाज पार्टी से टिकट पाते थे। बदले में उन्हें जनता को लूटने और सताने का खुला लाइसेंस मिल जाता था। मुख्तार अंसारी और धनंजय सिंह जैसे दर्जनों अपराधी नेता मायावती के साथ हमेशा से रहे हैं।
भाजपा नेता ने कहा कि 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के सुशासन, योगी आदित्यनाथ की बेदाग छवि, जनता के कल्याण के लिए कार्य और विकास के कामों पर जनता वोट करेगी और उन्हें विश्वास है कि योगी आदित्यनाथ सरकार सत्ता में पूर्ण बहुमत के साथ वापसी करेगी।