फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP Election 2022: 'चूड़ियां रंगीन, लेकिन बेरंग-सी अपनी जिंदगी' मजदूरों ने सुनाई आपबीती, योगी सरकार पर कही यह बात

Fri, 26 Nov 2021 02:37 PM IST
मुकेश कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फिरोजाबाद

सार

'अमर उजाला' का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' फिरोजाबाद में है। 'चाय पर चर्चा' के बाद हमारी टीम ने यहां के चूड़ी फैक्ट्री और कांच बनाने वाली कंपनी के मजदूरों और उनके मालिकों से बातचीत की। पढ़िए किसने क्या कहा?
विज्ञापन
फिरोजाबाद, उत्तर प्रदेश चुनाव 2022, चूड़ियां बनाने वाले मजदूरों से बात - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

फिरोजाबाद को कांच की नगरी कहा जाता है। यह शहर चूड़ियों के निर्माण के लिए काफी प्रसिद्ध है। यहां के ज्यादातर लोग कोरोबार से जुडे हैं। घरों के अंदर महिलाएं भी चूडियों पर पॉलिश और हिल लगाकर रोजगार अर्जित कर लेती हैं। फिरोजाबाद में चूड़ियों के 100 कारखाने हैं और 90 फीसदी लोग इसी काम से जुड़े हैं। 'सत्ता का संग्राम' कार्यक्रम के तहत हमारी टीम यहां के चूड़ी फैक्ट्री में मजदूरों और उनके मालिकों से बातचीत की। इस दौरान मजदूरों ने अपनी आपबीती सुनाई और योगी सरकार को लेकर ये बात कही...

विज्ञापन


दरअसल, चूड़ी बनाने का काम बहुत कठिन है। चूड़ी के फैक्ट्री में मजदूर तपती गर्मी में काम करते हैं। फैक्ट्री के मालिक संजय जैन ने बताया कि चूड़ी बनाने के लिए कच्चे कांच को भट्ठी में डाला जाता है। भट्ठी में कांच करीब 12 घंटे तक पकता है।  कांच को पिघला कर फिर उसे गर्म करके तैयार किया जाता है। इसके बाद उसे डिजाइन किया जाता है। 90-95 फीसदी लोग चूड़ी व्यवसायी से जुडे हुए हैं, या तो वे मजदूरी करते हैं नहीं तो खुद काम अपना व्यवसायी चलाते हैं। वहीं, फैक्ट्री में हमारे सहयोगी जितेंद्र पांडे ने बताया कि चूड़ी का कितना साइज देना है, उसे कितना गर्म करना करना है, इन मजदूरों को पता है। इन्हें पता है कि चूड़ियों को कितने डिग्री में कितने सेकंड तक रखना है। पूरा चुड़ी कारखाना इनके ऊपर निर्भर है। इनकी हल्की सी चूक एक सेकंड में माल को बर्बाद कर देती है। 



मजदूरों ने क्या कहा?
चूड़ी फैक्ट्री में काम करने वाले आरीज नाम के एक मजदूर ने कहा कि पूरे परिवार के लोग यही काम करते हैं। यहीं सीखा। इसकी कमाई से घर-परिवार चल जाता है। वहीं, इमरान ने कहा कि 500 रुपये रोज मिलते हैं। अपना काम चल जाता है। रोजी रोटी चल जाती है। चूड़ियों की कटाई कर रहे हमरार ने कहा कि 550 रुपये रोज मिलते हैं। गुजर बसर हो जाती है। पैसे बढ़ जाए तो और अच्छा होगा। इसके लिए योगी सरकारी हमारी सहायता करे। वहीं, मालिक ने कहा कि इनके हर साल पैसे बढ़ते हैं। बता दें कि फिरोजाबाद में सदियों से चुड़ी का कारोबार चल रहा है। यहां कच्चा माल का अलग इंडस्ट्री है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

फिरोजाबाद, उत्तर प्रदेश चुनाव 2022, चूड़ियां बनाने वाले मजदूर - फोटो : अमर उजाला
उधर, हमारी टीम ने कांच की कंपनी में मजदूरी करने वाले लोगों से भी बातचीत की। इस क्रम में पहले कंपनी के मालिक ने कहा कि महंगाई इस कदर बढ़ी है, जिससे इंडस्ट्री चलाने में दिक्कत हो रही है। कांच उद्दोग चरमरा गई है। कंपनी में पिछले 10 साल से काम करे राहुल नाम के एक मजदूर ने कहा कि 420 रुपये जो मिलते हैं। परिवार चल जाता है। सरकार कोई भी हो हमें तो काम ही करना है। हालांकि, हम योगी सरकार से खुश हैं।

वहीं, 30 साल से इस कंपनी में काम कर रहे रहे उमरपाल ने कहा कि 350 रुपये मिलते हैं, पैसा और बढ़ना चाहिए। वहीं, मजदूरों ने पीएफ का भी मुद्दा उठाया। वहीं, कंपनी के मालिक ने कहा कि हर साल मई के महीने में इन लोगों की सैलरी बढ़ती है। यहां काफी दूर दराज के लोग काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये लोग पिछले 30 वर्षों से लगे हुए हैं। पूरे देश में चूड़ी यहीं से जाता है। मालिक ने कहा कि इन मजदूरों को छह घंटे के 300 रुपये मिलते हैं लेकिन डबल करके ये लोग 600 रुपये कमा लेते हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें