उत्तर प्रदेश में तीन चरण के चुनाव हो चुके हैं। आज चौथे चरण के लिए मतदान चल रहा है। 624 प्रत्याशी चुनावी मैदान में ताल ठोक रहे हैं, लेकिन प्रमुख मुकाबला भाजपा, सपा, बसपा और कांग्रेस के बीच है।
जिन नौ जिलों में मतदान चल रहा है, उनमें बांदा, फतेहपुर, हरदोई, लखीमपुर खीरी, लखनऊ, रायबरेली, सीतापुर, पीलीभीत और उन्नाव शामिल हैं। इनमें से रायबरेली कांग्रेस का गढ़ माना जाता रहा है। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी खुद यहां से सांसद हैं। पिछली बार यानी 2017 में रायबरेली की दो सीटों पर कांग्रेस ने जीत हासिल की थी, लेकिन दोनों विधायक अब भाजपा के उम्मीदवार हैं।
सबसे ज्यादा अपराधिक छवि वाले प्रत्याशी कांग्रेस के
शुरुआती तीन चरणों में सबसे ज्यादा आपराधिक छवि वाले प्रत्याशी समाजवादी पार्टी के थे। इस बार कांग्रेस ने इस मामले में सपा को पछाड़ दिया है। चौथे चरण में कुल 167 यानी 27% उम्मीदवार दागी हैं। इनमें भी 129 प्रत्याशी ऐसे हैं, जिनपर गंभीर आरोप लगे हैं। इस चरण में सबसे ज्यादा आपराधिक छवि वाले नेताओं को टिकट देने में कांग्रेस आगे रही है। कांग्रेस के 53% प्रत्याशी दागी हैं। दूसरे नंबर पर समाजवादी पार्टी है। सपा के 53% और तीसरे नंबर पर बसपा के 44% प्रत्याशी दागी हैं। भाजपा इस सूची में चौथे और आम आदमी पार्टी पांचवे नंबर पर है। भाजपा के 40% और आम आदमी पार्टी के 24% प्रत्याशी दागी हैं।
किस-किस तरह के लगे हैं आरोप?
नौ उम्मीदवारों पर महिलाओं के प्रति गंभीर अपराध का आरोप है। इसमें भी दो ऐसे प्रत्याशी हैं, जिनपर रेप के आरोप लगे हैं। जिन दो उम्मीदवारों पर रेप के आरोप हैं, उनमें एक रायबरेली के हरचंदरपुर सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। प्रत्याशी का नाम अशोक कुमार है। दूसरे प्रत्याशी समाजवादी पार्टी से सीतापुर के सेवता सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। इनका नाम महेंद्र कुमार सिंह है। पांच प्रत्याशियों ने अपने हलफनामे में बताया है कि उनपर हत्या का मामला है। 14 प्रत्याशियों पर हत्या के प्रयास का मामला चल रहा है। 59 में से 29 यानी 49% सीटें रेड अलर्ट जोन में है। मतलब यहां से चुनाव लड़ रहे तीन या इससे अधिक उम्मीदवार आपराधिक छवि वाले हैं।