राज्य संयुक्त बीएड प्रवेश परीक्षा के लिए आयोजक गोरखपुर विश्वविद्यालय के ऑनलाइन काउंसिलिंग के प्रस्ताव को शासन ने मंजूरी दे दी है।
नई व्यवस्था के तहत अभ्यर्थी घर बैठे तीन दिन में मनपसंद कॉलेज चुन सकेंगे। काउंसिलिंग सेंटर पर उसे केवल पंजीकरण और प्रमाण पत्रों के सत्यापन के लिए आना होगा। काउंसिलिंग पांच से 20 जून तक तीन चरणों में होगी।
राज्य समन्वयक प्रो. सुरेंद्र दुबे ने बताया कि बुधवार को कुलपति प्रो. पीसी त्रिवेदी की अध्यक्षता में हुई कोर कमेटी की बैठक में नई व्यवस्था को अमलीजामा पहनाया गया।
26 मई को परिणाम आने के बाद सफल अभ्यर्थी के मोबाइल पर मैसेज चला जाएगा। उसी समय उसे काउंसिलिंग सेंटर की जानकारी भी दे दी जाएगी।
काउंसिलिंग सेंटर पर अभ्यर्थी को अपने शैक्षिक एवं अन्य वेटेज (भारांक) संबंधी प्रमाण पत्रों की मूल प्रति और चार सौ रुपये के डिमांड ड्राफ्ट के साथ आना होगा।
डिमांड ड्राफ्ट, वित्त अधिकारी, दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय, गोरखपुर के पक्ष में देय होगा।
वेबसाइट पर होंगे 50 से अधिक विकल्प
प्रमाण पत्रों के सत्यापन के बाद उसे प्रदेश भर के बीएड कॉलेजों की सूची दी जाएगी। उसके बाद वह इंटरनेट पर तीन दिनों में राज्य संयुक्त प्रवेश परीक्षा की वेबसाइट www.upbed.nic.in पर जाकर मनपसंद कॉलेज का चुनाव कर सकेगा।
इसके लिए उसके पास 50 से ज्यादा विकल्प होंगे। इन तीन दिनों में वह अपने चुनाव में फेरबदल कर सकता है लेकिन तीसरे दिन आधी रात को अभ्यर्थी द्वारा चुने गए विकल्प स्वत: लॉक हो जाएंगे।
चौथे दिन अभ्यर्थी को उसकी जनरल रैंक और श्रेणीगत नियमों के तहत कॉलेज आवंटित कर दिया जाएगा। उसी दिन दोपहर 12 बजे तक वह इंटरनेट पर आवंटित कॉलेज की जानकारी ले सकेगा।
इसके बाद कॉलेज के देय शुल्क और काउंलिंग शुल्क की शेष राशि के सौ रुपये के चालान फार्म भी इंटरनेट से प्राप्त हो जाएगा। इंटरनेट से प्राप्त ई-चालान के मार्फत वह इलाहाबाद बैंक की किसी शाखा में शुल्क जमा कर सकेगा।
फिर बैंक से प्राप्त ट्रांजेक्शन आईडी नंबर लेकर पांचवें दिन इंटरनेट से अपना स्वीकृति पत्र प्राप्त कर संबंधित कॉलेज में जा कर दाखिला ले सकेगा।
प्रो. दुबे ने बताया कि अनुसूचित जाति और जनजाति के अभ्यर्थी को भी काउंसिलिंग शुल्क जमा करना अनिवार्य होगा। उसके लिए उसे पहले चार सौ और कॉलेज चयन के बाद सौ रुपये जमा करना होगा, इसके बिना स्वीकृति पत्र नहीं मिलेगा।