लोकसभा चुनाव से पहले ही बसपा में घमासान शुरू हो गया है।
बसपा ने पार्टी विरोधी कार्य करने की शिकायतों पर पूर्व राज्यमंत्री ओमवती देवी व उनके पति पूर्व आईएएस अधिकारी आरके सिंह को पार्टी से निष्कासित कर दिया है।
नगीना लोकसभा सीट से टिकट नहीं मिलने के बाद आरके सिंह बागी तेवर अपनाए हुए थे और लोकसभा क्षेत्र में सभाएं कर रहे थे। हालांकि पार्टी निष्कासन की वजह भाजपा नेताओं से आरके सिंह की बढ़ती नजदीकियों को भी माना जा रहा है।
ओमवती कांग्रेस से एक बार विधायक, सपा से दो बार विधायक व एक बार सांसद रहीं हैं। वर्ष 2004 में बसपा में शामिल हुईं और वर्ष 2007 में बसपा से नगीना सीट से विधायक बनने के बाद राज्य खादी एवं ग्रामोद्योग मंत्री रहीं।
गत विस चुनाव में ओमवती देवी को आरक्षित नगीना सीट पर हार का मुंह देखना पड़ा। उनके पति पूर्व आईएएस आरके सिंह बसपा के जिला कोऑर्डिनेटर रहे हैं और गत लोकसभा चुनाव में नगीना से बसपा के टिकट पर चुनाव लड़े लेकिन जीत नहीं पाए। 26 मई को उन्होंने नगीना में ही दलित बिरादरी की सभा करने का ऐलान किया था।
चर्चाएं थीं कि आरके सिंह भाजपा से टिकट मांग रहे हैं लेकिन भाजपा ने भी फिलहाल टिकट के लिए मना कर दिया। बसपा के जिलाध्यक्ष राजेंद्र कुमार के मुताबिक बसपा सुप्रीमो मायावती के निर्देश पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रभारी सांसद मुनकाद अली ने आरके सिंह व ओमवती को पार्टी से निष्कासित किया है। उन पर पार्टी के खिलाफ गतिविधियों में संलिप्त होने के आरोप हैं।