नवाबों के शहर लखनऊ का इतिहास काफी समृद्ध रहा है। देश के सबसे बड़े राज्य की राजधानी लखनऊ में छोटा इमामबाड़ा, भूल भुलैया, रूमी दरवाजा, घंटाघर और रेजिडेंसी जैसी कई ऐतिहासिक धरोहरें हैं। इनकी खूबसूरती पूरी दुनिया में मशहूर है। शहर की दूसरी सबसे बड़ी पहचान राजनीति है। पूरे प्रदेश की राजनीतिक बागडोर यहीं से संभाली जाती है। पूर्व प्रधानमंत्री पं.अटल बिहारी वाजपेयी यहीं से सांसद रहे। मौजूदा रक्षामंत्री राजनाथ सिंह भी यहीं से निर्वाचित होकर संसद पहुंचे।
लखनऊ में नौ विधानसभा सीटें हैं। इनमें आठ पर भारतीय जनता पार्टी जबकि एक पर समाजवादी पार्टी का कब्जा है। अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर फिर से यहां का सियासी माहौल गर्म होने लगा है।
ऐसे में योगी सरकार के इन साढ़े चार साल के कार्यकाल में यहां कितना विकास हुआ? क्या आम लोग सरकार के कामकाज से खुश हैं? युवा, महिलाएं और यहां की आम जनता मौजूदा सरकार के बारे में क्या सोचती है? राजनीतिक दलों के नेताओं का क्या मानना है? वह किन मुद्दों को लेकर जनता के बीच जाएंगे? ऐसे तमाम सवालों का जवाब जानने के लिए 'अमर उजाला' का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' मंगलवार को लखनऊ में होगा।
आप भी 'अमर उजाला' के इस मंच से जुड़ सकते हैं। इसके जरिए आप अपने क्षेत्र, शहर, राज्य और देश के हर मुद्दों को उठा पाएंगे। आप बता पाएंगे कि आने वाले चुनाव में नेताओं और राजनीतिक दलों से आपको क्या उम्मीदें हैं? किन मसलों को लेकर आप वोट करेंगे और नेताओं से आप क्या चाहते हैं?
कब और कहां होंगे कार्यक्रम ?
1. सुबह 9:00 बजे
चाय पर चर्चा
स्थान : शर्मा चायवाला लालबाग
2. सुबह 11 बजे
युवाओं से बातचीत
स्थान : लखनऊ विश्वविद्यालय परिसर
3. दोपहर 1:00 बजे
महिलाओं से चर्चा
स्थान : वीरांगना पार्क, कैसरबाग बारादरी के बगल में
4. शाम 4:00 बजे
राजनीतिक दलों से चर्चा
स्थान : 1090 चौराहा, गोमती नगर
अब तक 22 जिलों में हो चुका है कार्यक्रम
अब तक पश्चिमी यूपी और ब्रज के 22 जिलों में 'सत्ता का संग्राम' आयोजित हो चुका है। 11 नवंबर को गाजियाबाद से चला ये रथ मुरादाबाद, रामपुर, अमरोहा, बरेली, बदायूं, पीलीभीत, शाहजहांपुर, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, फर्रुखाबाद, कन्नौज, इटावा, मैनपुरी, एटा, फिरोजाबाद, आगरा, मथुरा, हाथरस, अलीगढ़ होते हुए एक दिसंबर को बुलंदशहर पहुंचा था। इन जिलों में महिलाओं, युवाओं, कामगारों, नेताओं, व्यापारियों समेत हर वर्ग के लोगों को अपने मन की बात बोलने का मौका दिया गया। लोगों ने खुलकर अपनी समस्याओं और उम्मीदों के बारे में बताया।
'सत्ता का संग्राम' में क्या होगा खास?
चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' के तहत अमर उजाला हर वर्ग के मतदाताओं तक पहुंचेगा। चाय पर चर्चा के साथ-साथ महिलाओं-युवाओं से संवाद होगा और राजनीतिक हस्तियों से सीधे सवाल पूछे जाएंगे। अमर उजाला आपको एक मंच दे रहा है, जहां आप बातों को रख सकेंगे, ताकि जब राजनीतिक हस्तियां चुनावी रैलियां करने आएं तो उन्हें आपसे जुड़े जमीनी मुद्दे भी याद रहें।
विशेष प्रोत्साहन की व्यवस्था
'सत्ता का संग्राम' से जुड़े कार्यक्रमों में जमीनी स्तर पर हिस्सा लेने वाले दर्शकों और श्रोताओं के लिए विशेष प्रोत्साहन की भी व्यवस्था की गई है।
इस विशेष कवरेज को आप कहां देख सकेंगे?
- अमर उजाला अखबार और amarujala.com पर आपको कार्यक्रम स्थल की जानकारी मिलेगी।
- 'सत्ता का संग्राम' से जुड़ा व्यापक जमीनी कवरेज आप अमर उजाला अखबार में पढ़ सकेंगे।
- amarujala.com पर आप कार्यक्रमों को लाइव देख सकेंगे।
- सभी कार्यक्रम अमर उजाला डिजिटल के फेसबुक पेज और यू-ट्यूब चैनल पर भी देखे जा सकेंगे।
- इन सभी कार्यक्रमों के जरिए दर्ज होने वाली जनता की आवाज विशेष रूप से अमर उजाला के पॉडकास्ट "आवाज" पर भी उपलब्ध रहेगी।