सीतापुर, उत्तर प्रदेश चुनाव 2022,आधी आबादी से बात
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विकास के मुद्दे पर क्या बोलीं यहां की महिलाएं?
विकास के मुद्दे पर महिलाओं की मिली जुली प्रतिक्रियाएं मिली। कोई सरकार के कामकाज की तारीफ की तो किसी ने कहा कि यहां कोई विकास नहीं हुआ। रुपा अग्रवाल ने कहा कि मुझे नहीं लगता की यहां कोई बदलाव हुआ। मैं यहीं जन्मी, पली बढ़ी पर हमें नहीं लगता कि यहां कोई विकास हुआ। चाहे कोई भी पार्टी हो किसी ने भी कुछ ही नहीं किया। सुनीता नाम की महिला ने कहा कि सीतापुर में महिलाओं के लिए कोई काम नहीं हुआ है। घरेलू महिलाओं को कुछ न कुछ रोजगार चाहिए, पर उसके लिए सरकार कुछ नहीं सोच रही। वहीं, एक महिला ने कहा कि वर्तमान सरकार में काफी सारे काम अच्छे हुए पर रोजगार की समस्या अभी भी है।
रोजगार, महंगाई और शिक्षा बड़े मुद्दे
कई महिलाओं ने कहा कि महंगाई एक बड़ा मुद्दा है। मंजूला ने कहा कि महंगाई ज्यादा हो रही है। वहीं, रेहाना ने कहा कि लोग महंगाई से परेशान हैं। हम वोट उसे देंगे जो महंगाई कम करेगा। सुनीता ने कहा कि रोजगार यहां बड़ा का मुद्दा है। बच्चों की पढाई को लेकर भी महिलाओं ने सवाल खड़े किए। एक महिला ने कहा कि स्कूल की फीस बढ़ती ही जा रही है। सरकारी स्कूल में खराब खाना मिल रहा। वहां से जो पैसा आता है वो बच्चों को नहीं मिलता है। माना कि सरकार ने योजनाएं बनाई हैं पर लोगों तक नहीं पहुंच पा रही। उधर, नीलम सिंह ने हमलोगों को भी सक्रिय रहने की दरकार है। योजनाएं के बारे में जानना जरूरी है। रीता अवस्थी ने कहा कि आजादी के बाद से लेकर अभी तक जो भी सरकारें आईं पर इस सरकार में बहुत काम हुआ है। मोदी योगी सरकार में राम मंदिर का निर्माण शुरू हुआ। इसी सरकार में भगवान आजाद हुए। उन्होंने कहा कि भगवान आजाद हैं तो सब आजाद है।