झांसी, उत्तर प्रदेश चुनाव 2022, युवाओं से चुनावी चर्चा
- फोटो : अमर उजाला
अंजली ने शिक्षा का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में पढ़ाई नहीं होती है। शिक्षकों को अलग अलग जगहों को अलग अवग कार्यों में लगा दिया जाता है। बच्चे पढ़ेंगे कैसे? कभी चुनाव में तो कभी पल्स पोलियों ड्यूटी में तो कभी कहीं। धर्म और हिंदु मुस्लिम को लेकर अंजली ने कहा कि हिंदुओं को तो ये भी नहीं पता कि भगवत गीता में क्या लिखा है? मुस्लिमों को तो कम से कम मदरसों में सिखाया जाता है कि उसके कुरान में क्या लिखा है? हमलोगों को तो वो भी नहीं सिखाया जाता है। न हमें संस्कृत आती, न भगवत गीता में क्या लिखा है वो पता है और धर्म की बात की जाती है।
राम किंकर ने कहा कि यहां विकास हुआ है। किसानों के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। चार हजार करोड़ का जो केन बेतवा लिंक प्रोजेक्ट है उससे किसानों को फायदा होगा। किसानों को पहले पानी के लिए हजारों रुपये खर्च करने पड़ते थे लेकिन अब इससे राहत मिलेगी। इसके अलावा सरकार शिक्षा पर भी काम कर रही है। सरकार स्वरोजगार को बढ़ावा दे रही है।
अभिषेक प्रताप सिंह ने कहा कि आपने पूछा कि यहां क्या बदलाव हुआ है? तो मेरा मानना है कि बदलाव हुआ है युवाओं को आतंकवादी कहा जाता है। रोजगार मांगने वालों को जेल भेज दिया जाता है। छात्रों को घसीटते हुए सीएम कार्यालय तक ले जाया जाता है, वहां पर उस पर यूएपीए लगाया जाता है। इस सरकार में पेपर लीक के मुद्दे को उपलब्धि बताया जाता है। कहा जाता है कि दोषियों पर बुलडोजर चालाया जाएगा लेकिन हमें नहीं पता कि आज तक किसी के ऊपर बुलडोजर चला। हां मुझे ये जरूर पता है कि किसानों के ऊपर बुलडोजर जरूर चलाया गया।
झांसी, उत्तर प्रदेश चुनाव 2022, युवाओं से चुनावी चर्चा
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हर्ष सिंह ने कहा कि भाजपा वालों से ये पूछा जाए कि जब इनके ही विधायक बलात्कारी हो तो ये कैसे महिलाओं का सम्मान करेंगे? बेरोजगारी पर हर्ष ने कहा कि मैं बीटेक (तीसरे वर्ष) का छात्र हूं, ये बता दें कि कितने बीटेक वाले प्लेस्ड हुए हैं। विकास के मुद्दे पर इस छात्र ने कहा कि चुनाव के पांचवें साल में ही क्यों विकास की गंगा बह जाती है? महंगाई को लेकर हर्ष ने कहा कि अगर महंगाई बढ़ती है तो आय भी दोगुनी किया जाना चाहिए। पुशपरास सिंह ने एक कविता के जरिए कहा कि हम हर चीज सरकार पर छोड़ दे रहे हैं। कुछ खुद भी करना चाहिए। युवाओं को स्वरोजगार की तरफ ध्यान देना चाहिए। अभिषेक सिंह जो बीटेक के छात्र (इलेक्ट्रॉनिक्स) हैं, उन्होंने मुद्रा लोन पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि 10 लाख का मेरा प्रोजोक्ट था, जब हम लोन मांगने गए तो उन्होंने कहा कि 50 हजार रुपये ले लीजिए।