फिरोजाबाद, उत्तर प्रदेश चुनाव 2022, चाय पर चर्चा
- फोटो : अमर उजाला
चाय पर चर्चा के दौरान एक श्रमिक नेता ने कहा कि यहां श्रम कानून का और सरकार के आदेशों का अवहेलना की जा रही है। 6 मई 2021 को यहां के चुड़ी जुड़ाई मजदूरों के लिए शासनादेश लागू करवाया लेकिन उसका पालन नहीं हो रहा। यहां के कारखानों में श्रम कानून का पालन नहीं होता है। नकद भुगतान पर रोक लगी है बावजूद नकद भुगतान किया जाता है। मजदूरों को उनकी शैलरी उनके बैंक खाते में नहीं दी जाती है। फैक्ट्री एक्ट के अंतर्गत उन्हें जो सुविधाएं मिलनी चाहिए वो नहीं मिल रही है।
अनिल कुमार मिश्रा ने कहा कि महंगाई चरम पर है। सरसों का तेल इतना महंगा हो गया, डीजल-पेट्रोल का दाम चरम पर है। मिश्रा ने कानून व्यवस्था पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि सवर्णों के लिए कोई आयोग नहीं है। एससी/एसटी एक्ट का दुरुपयोग हो रहा है। उन्होंने आरक्षण का मुद्दा भी उठाया। मिश्रा ने कहा कि अगर तीन कृषि कानूनों की वापसी हो सकती है तो आरक्षण का क्यों नहीं? सवर्णों के साथ छलावा हो रहा है। 90 फीसदी लोग भाजपा को वोट देता है, बावजूद ऐसा है। करीब 70 साल के बुजुर्ग फौरन सिंह धनकर ने कहा कि हमारी समस्या यह है कि धनकर समाज का कोई सर्टिफिकेट नहीं बना रहा। उन्होंने कहा कि ऐसी कोई विधानसभा नहीं है जहां धनकर समाज सत्ता को आने का और विपक्ष को जिताने का काम नहीं करता। हमारे समाज के लोग इस बार नोटा को वोट देंगे
फिरोजाबाद, उत्तर प्रदेश चुनाव 2022, चाय पर चर्चा
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डिएलएड कर चुके छात्र सौरभ यादव ने कहा कि 2017-19 में मैंने डीएलएड किया। आज 2021 आ चुका हैं। आज भी मैं बेरोजगार हूं। इस सरकार ने छात्र छात्राओं को बहुत प्रताड़ित किया है। वहीं, दूसरे ने कहा कि इस सरकार से गुंडे, दलाल किस्म के लोग ज्यादा परेशान हैं। अमित सोलंकी ने कहा कि सरकार किसी की भी आए। इन्वेस्टमेंट आना चाहिए। कुल मिलकार युवाओं को रोजगार चाहिए। यहां बहुत बेरोजगारी है।
एक अन्य शख्स ने कहा कि फिरोजबाद कारखानों की मंडी है लेकिन सबको सरकारी नौकरी चाहिए, उसका समाधान तो नहीं है, जो मेहनत करना चाहता है उसके लिए काम है। बिलाल कुरैशी ने कहा कि सरकारी नौकरी काबिलियत पर मिलती है। चर्चा के दौरान एक हरिशंकर नाम के मजदूर ने कहा कि हमारी रेट गिरा देते हैं। कोई सुविधा नहीं देते, दवाई नहीं देते पानी खराब है। इस पर कारखानेदार बिन्नी मित्तल ने कहा कि ऐसा नहीं होता है। ये जिस ठेकेदार के अंदर काम कर रहे होंगे उसने इनके साथ दलाली कर ली होगी।