भाजपा ने कई राज्यों के विधानसभा चुनावों में बूथ समिति से एक कदम आगे जाकर पन्ना प्रमुख स्तर तक जिम्मेदारियां तय कर दी थीं। भाजपा के लिए यह प्रयोग कई राज्यों में बेहद कारगर साबित हुआ। इसी के मद्देनजर पिछले दिनों एक सप्ताह तक चली विधानसभावार कार्ययोजना बैठकों में भाजपा के प्रदेश महामंत्री (संगठन) सुनील बंसल सहित प्रदेश स्तर के पार्टी पदाधिकारियों की तरफ से पन्ना प्रमुखों की कार्यप्रणाली पर चर्चा की गई थी। इसमें तय हुआ कि अकेले कानपुर महानगर की दो जिला इकाइयों में करीब 50 हजार पन्ना प्रमुख बनाए जाएंगे। इसी तरह झांसी की चारों विधानसभा को मिलाकर लगभग 20 हजार पन्ना प्रमुख भाजपा तैयार करेगी।
उदाहरण के लिए झांसी की चारों विधानसभा को मिलाकर करीब 1723 मतदान केंद्र हैं। इसमें सबसे ज्यादा 471 मतदान केंद्र मऊरानीपुर विधानसभा में हैं। गरौठा विधानसभा में 450, सदर विधानसभा में 417 और बबीना में 385 बूथ हैं। एक मतदान केंद्र पर औसतन 900 वोटर होते हैं।
मतदान के दिन पन्ना मतलब वोटर लिस्ट का एक पेज होता है। इसके लिए भाजपा पन्ना प्रमुख बनाएगी। एक पन्ने में करीब 30 वोटर्स के नाम होते हैं। पन्ना प्रमुख की जिम्मेदारी अपने पन्ने में दर्ज वोटर्स से संपर्क करने और उन्हें भाजपा के पक्ष में वोट करने के लिए मनाने की होती है। मतदान के दिन भाजपा हर पन्ना प्रमुख से यह जांचती रहती है कि उन्हें मिले पन्ने से कितने लोग वोट डालने के लिए पहुंचे।
कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष के सुधीर सिंह कहते हैं कि पन्ना प्रमुख की अवधारणा लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला की देन है। इसके जरिए पार्टी को कई राज्यों में सफलता मिली।