आजमगढ़, उत्तर प्रदेश चुनाव 2022, महिलाओं से चर्चा
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श्रेया राय ने रोजगार का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि वैकेंसी समय पर नहीं आती है। परीक्षाएं होती भी हैं तो पेपर लीक हो जाती हैं। सरकार को पारदर्शिता रखने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार महिलाओं को लेकर ज्यादा काम कर रही है। इस सरकार में महिलाएं पहले से ज्यादा सुरक्षित हैं। पिछली सरकार में महिलाएं खुद को इतना सुरक्षित महसूस नहीं करती थीं। संतोष सिंह ने कहा कि यहां कुटीर उद्योग क्रांती की जरुरत है। हर शहर में शिल्फ हाट होना चाहिए।
वहीं, एक महिला ने कहा कि पिछली सरकार की तुलना में यह सरकार बेहतर काम रही है। मगर महंगाई बड़ी समस्या है। इस महिला ने कहा कि जो संपन्न हैं, उन्हें तो गैस के दाम बढ़ने से कोई फर्क नहीं पड़ रहा है लेकिन गरीब तबका तो इससे जूझ रहा है। सोनी पांडे ने कहा कि आजादी के 75 साल बाद भी महिलाओं को बराबरी का हक नहीं है। बेसिक शिक्षा आज भी कमजोर है। सरकार बेटी बचाओं, बेटी पढ़ाओं की बात करती है। जो भी सरकारें महिलाओं के मुद्दे को अपने चुनावी एंजेंडे में शामिल करेंगी, हम उनके साथ निश्चित जाएंगे।
सरोज नाम की एक महिला ने कहा कि अभी भी गांव की कई महिलाओं के बाहर निकलने पर पाबंदी है। बबीता राय ने कहा कि महिलाओं को घर से बाहर निकले पर रोक है। लड़कियों को भी उतनी आजादी नहीं मिल रही जितनी होनी चाहिए। महिमा तिवारी ने कहा कि सरकार को समाज को जागरूक करना चाहिए। अगर शिक्षा सही रहेगी हम कोई भी बदलाव कर सकते हैं।