आगरा, उत्तर प्रदेश चुनाव 2022, महिलाओं से चर्चा
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वही्, अनुराधा सिंह ने कहा कि पहले हम अपनी जिम्मेदारी समझे तब सरकार को दोष दें। स्वाती ने कहा कि पर्यटन के लिहास से थोड़ा और विकास होना चाहिए। कोरोना की वजह से पिछले दो साल से पर्यटन स्थल बंद थे। सब क्षेत्रों में विकास हो रहा है और वर्तमान सरकार से उम्मीद है कि वह इसमें और बेहतर करने का प्रयास करेगी। अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट की मांग थी लेकिन किसी भी सरकार ने इसको पूरा नहीं कर पाया। उन्होंने आगे कहा कि हां जेवर एयरपोर्ट नजदीक है जिसका फायदा हम उठा पाएंगे।
कोई भी सरकार आए पर विकास करे
गीता ओझा ने कहा कि यहां पर विकास तो होता है पर बहुत स्लो होता है। काफी कुछ हुआ है पर धीरे धीरे हुआ है। यहां काम को खींचा जाता है। मेट्रो शहर जैसे दिल्ली जयपुर में तेजी के साथ काम होता है। यहां पर खाने वाले ज्यादा हैं और काम करने वाले कम। विकास तो काफी हुआ है लेकिन स्लो हुआ है। हमें सरकार से मतलब नहीं हमे विकास से मतलब। कोई भी सरकार आए पर विकास करे और ढंग से करे।
यहां के लोगों में मानवीय संवेदना की कमी
35 साल से आगरा में रह रहीं डॉ सुमन अग्रवाल ने कहा कि यहां के लोगों में मानवीय संवेदना की बहुत कमी है। जो लोग हैं वो किसी भी व्यक्ति की वास्तविकताओं को नहीं समझते हैं और उनको मदद करने की कोशिश भी नहीं करते हैं। मेरा कहना ये है कि हमारे लिए जो भी सरकार आए या जो भी प्रतिनिधि चुना जाए वो ऐसा होना चाहिए, जो व्यक्तिवादी न होकर समाज के हित की सोचे और मानवीय संवेदना से परिपूर्ण हो।