शराब ठेका में ताला लगाने के बाद बांगरमऊ कोतवाली पहुंचीं महिलाएं।
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शराबी पतियों के उत्पीड़न, पारिवारिक कलह और किशोरों को लती बनते देख शुक्रवार को महिलाओं के सब्र का बांध टूट गया। महिलाएं बड़ी संख्या में इकट्ठा होकर लाठी-डंडों के साथ शराब ठेका पहुंचीं। इन्हाेंने सेल्समैन को ठेके से बाहर निकाल कर ताला डाल दिया। इसके बाद कोतवाली पहुंचकर तहरीर दी। महिलाओं के विरोध की जानकारी पर जिला आबकारी अधिकारी ने शराब ठेका बंद करने और गांव से दूर दूसरा स्थान तलाशने के निर्देश ठेकेदार को दिए।
बांगरमऊ कोतवाली क्षेत्र के मेला रामकुंवर गांव में बस्ती के बीच देशी शराब का ठेका है। गांव के अधिकांश लोग शराब के आदी हैं। शराब के नशे में यह आए दिन आपस में मारपीट और घर की महिलाओं से झगड़ा करते हैं। पतियों के उत्पीड़न और बच्चों को शराब का आदी होते देख दस दिन पहले गांव की महिलाओं ने शराब ठेका बंद करने की चेतावनी दी थी। गुरुवार को भी ठेका बंद नहीं हुआ तो महिलाओं का सब्र जवाब दे गया।
करीब आधा सैकड़ा महिलाएं लाठी-डंडे लेकर शराब ठेके पर पहुंचीं। इन्हाेंने सेल्समैन को बाहर निकालकर ताला डाल दिया। इसके बाद इन्होंने बांगरमऊ कोतवाली पहुंचकर पुलिस से शराब ठेका बंद कराने की मांग की। कोतवाली प्रभारी प्रदीप यादव ने कार्रवाई का आश्वासन दिया । इसके बाद महिलाएं शांत हुईं। महिलाओं में सुधारानी, रामवती, राजेश्वरी, बविता, कुसुम, पियारा, राजरानी शामिल रहीं। घटना की जानकारी होने के बाद जिला आबकारी अधिकारी एसके दुबे ने ठेकेदार को गांव से दूर दूसरे स्थान पर ठेका खोलने के निर्देश दिए।