उन्नाव। पीड़ित महिलाओं को तत्काल मदद पहुंचाने के लिए शुरू की गई 181 महिला हेल्पलाइन सेवा की चाल बजट के अभाव में लड़खड़ा गई है। बजट न मिलने से वाहन दो माह से खड़ा है। ऐसे में इमरजेंसी कॉल पर सुगमकर्ता पीड़ित तक समय से नहीं पहुंच पा रहे। गंभीर मामलों में उन्हें यूपी 100 की मदद लेनी पड़ रही है।
प्रदेश सरकार के महिला कल्याण विभाग ने तीन वर्ष पूर्व महिलाओं की मदद के लिए निशुल्क 181 हेल्पलाइन सेवा शुरू की थी। इस सेवा के तहत महिलाओं को सुविधा दी गई थी कि वह हेल्पलाइन पर कॉल कर किसी भी समस्या पर 24 घंटे सहायता प्राप्त कर सकेंगी। महिलाओं की सहायता के लिए जिले में 181 हेल्पलाइन का सेंटर बनाने के साथ सुगमकर्ताओं की नियुक्ति की गई थी। सुगमकर्ता समय से पीड़ित महिलाओं तक पहुंच सके इसके लिए उन्हें वाहन भी उपलब्ध कराया गया था। लगभग ढाई साल तक तो सेवा निर्बाध रूप से चली हालांकि पिछले दो माह से सेवा लड़खड़ा गई है। दो माह से सुगमकर्ताओं को उपलब्ध कराए गए वाहन को चलाने के लिए बजट ही नहीं मिला। जिससे वाहन कार्यालय में ही खड़ा रहता है। इमरजेंसी काल पर पीड़ित महिला को मदद दिलाने के लिए सुगमकर्ता यूपी 100 की मदद ले रहे हैं। जिला प्रोबेशन अधिकारी रेनू यादव ने बताया कि जल्द ही शासन स्तर से बजट उपलब्ध करा दिया जाएगा।
मानदेय का भी टोटा
181 महिला हेल्पलाइन सेवा में जिले में तीन सुगमकर्ता व दो वाहन चालक तैनात हैं। इन्हें भी पिछले पांच माह से मानदेय नहीं दिया गया है। शुक्रवार को जिले की नोडल अधिकारी के निरीक्षण में सुगमकर्ताओं ने अपनी समस्या सामने रखी थीं। नोडल अधिकारी ने समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया है।