उन्नाव। कोर्ट संख्या नौ के न्यायाधीश ने दहेज की मांग पूरी न होने पर पत्नी को जहर देकर जान से मारने के मामले में पति को उम्रकैद की सजा सुनाई। इसके अलावा दस हजार का अर्थदंड भी लगाया।
अजगैन थानांतर्गत चमरौली निवासी बच्चेलाल ने अचलगंज थाने में मुकदमा दर्ज करवाया था। कि उसने पांच वर्ष पूर्व अचलगंज थान के गौरा तारगांव निवासी श्याम सुंदर लोधी से अपनी बेटी रमाकांती का विवाह किया था। इसमें उसने अपनी सामर्थ्य के हिसाब से दान-दहेज भी दिया था।
इसके बाद भी दामाद श्याम सुंदर बाइक के लिए उसकी बेटी को प्रताड़ित करता था। उसने कई बार श्याम सुंदर को समझाया लेकिन वह नहीं माना। इसके बाद 6 जून 2013 को उसे फोन पर सूचना मिली कि दामाद ने उसकी बेटी को जहर दे दिया है और वह जिला अस्पताल में भर्ती है। जब तक वह जिला अस्पताल पहुंचा उसकी मौत हो गई थी।
इसके बाद उसने थाने में इसकी सूचना दी। मंगलवार को न्यायाधीश रिजवानुल हक ने अभियोजन पक्ष के सहायक शासकीय अधिवक्ता योगेश कुमार सिंह व सिद्धांत अवस्थी की दलीलों को सुनने के बाद हत्यारे को आजीवन कारावास और दस हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।