उन्नाव। परिवार परामर्श केंद्र और महिला हेल्प डेस्क ने पति-पत्नी के बीच चल रहे विवादों की सुनवाई और काउंसिलिंग की। छोटी-छोटी बातों को लेकर हुआ मनमुटाव दूर हुआ तो 22 दंपती फिर साथ रहने को राजी हुए। एक मामला तो ऐसा आया जिसमें दिवाली पर साड़ी न दिला पाने पर पत्नी पति को छोड़कर मायके चली गई। परामर्शदाताओं ने समझाया तो उसने गलती मानी और ससुराल लौट आई।
पुलिस लाइन और थानों की महिला हेल्प डेस्क में पति-पत्नी में बीच चल रहे विवादों की सुनवाई की गई। परामर्शदाताओं एवं महिला हेल्प डेस्क की टीम ने दंपती की काउंसलिंग की तो छोटे-छोटे मामले आपसी विवाद की वजह के रूप में सामने आए। सुमेरपुर निवासी महिला को पति ने दिवाली में साड़ी नहीं दिलाई, इसे लेकर शुरू हुआ विवाद कुछ ही दिनों में रोज की बात बन गया। महिला मायके चली गई और पति पर प्रताड़ित करने का आरोप लगा पुलिस को प्रार्थनापत्र दिया।
काउंसिलिंग के दौरान पति ने मजदूरी न मिलने के कारण पत्नी की मांग पूरी न कर पाने की बात बताई। कहा कि समझाने पर भी पत्नी जिद करती रही। काउंसलरों ने दांपत्य जीवन में छोटी-छोटी बातों को तूल न देकर एक-दूसरे को समझने की बात कही। हसनगंज के युवक ने माता-पिता से अलग रहने की जिद करने पर पत्नी से ही रिश्ता खत्म करने के लिए प्रार्थनापत्र दिया था। हेल्प डेस्क ने समझाया और परिवार का महत्व बताया तो महिला को गलती का अहसास हुआ। इसके बाद वह पति के साथ रहने को राजी हुई। इसी तरह अन्य विवादों को खत्म कराकर काउंसलरों और पुलिस कर्मियों ने 22 परिवार को टूटने से बचाया। परिवार परामर्श केंद्र प्रभारी डॉ. आशीष श्रीवास्तव, सलाहकार श्रीराम स्नेही यादव, सबीहा उमर, डॉ. सगीर अहमद, डॉ. मनीष सेंगर सहित अन्य ने सहयोग किया।