शारदीय नवरात्र के चौथे दिन देवी दुर्गा के कूष्मांडा स्वरूप की उपासना की गई। भक्तों ने माता रानी को प्रसन्न करने के लिए मंदिर में विधि-विधान से पूजन कर उनसे सुख-समृद्धि का आशीष मांगा। शहर के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों के सभी प्रमुख देवी मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ रही।
सुबह से ही भक्त मां के दर्शनों के लिए मंदिर पहुंच गए थे। पुजारियों ने भक्तों को मातारानी के दर्शन करवाए और प्रसाद वितरित किया।नवरात्र के चौथे दिन सुबह करीब पांच बजे ही मंदिरों के पट खोल दिए गए। मंदिरों मेेें भक्तों की भीड़ उमड़नी शुरू हो गई।
श्रृद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुजारियों ने सभी को लाइन में लगकर दर्शन करने को कहा। इसके बाद सभी ने लाइन में लग कर माता रानी के दर्शन किए। शहर के पौराणिक कल्याणी देवी मंदिर, बड़े दुर्गा मंदिर और बाईपास स्थित पूर्णा देवी धाम के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में भी देवी मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ रही।
इस दौरान मंदिरों में लगे लाउडस्पीकरों पर बज रहे माता के भजनों से वातावरण भक्तिमय बना रहा। भक्तों ने माता रानी की मूर्तियों पर फल-फूल, मिष्ठान, रोली, चुनरी, सिंदूर व चूड़ी आदि चढ़ाकर देवी मां को प्रसन्न करने का प्रयास किया। भक्त पूरे दिन माता के जयकारे लगाते रहे। सुबह से लेकर रात तक मंदिरों में दर्शनार्थियों की भीड़ लगी रही।