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Unnao News: एक्सप्रेसवे पर दो घंटे तक युवक के शव को रौंदते रहे वाहन, खुरच कर पोटली में समेटना पड़ा

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गंजमुरादाबाद (उन्नाव)। लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर सुबह छह बजे एक युवक की किसी वाहन से गिरकर मौत हो गई। करीब दो घंटे तक कई वाहन शव को रौंदते हुए निकल गए। शव को बचाने में कई वाहन लहराए और दुर्घटना का शिकार होते बचे। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो शव की जगह पर सड़क पर पर्त ही बची थी जिसे लकड़ी की फंटियो से खुरच कर पोटली में भरा गया।
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लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर बेहटामुजावर थानाक्षेत्र के शादीपुर गांव के सामने युवक लखनऊ से आगरा जाने वाली लेन पर शुक्रवार सुबह करीब छह बजे लोगों ने एक शव देखा। तेज रफ्तार वाहन शव के ऊपर से निकलते और उसे रौंद रहे थे। अचानक शव दिखने पर उससे बचने की कोशिश में कई वाहन पलटते बचे, जबकि भारी वाहन शव के ऊपर से ही निकलते रहे। मांस के टुकड़े 30 मीटर तक सड़क पर बिखर गए। धड़ भी कई टुकड़ों में बंट गया। करीब आठ बजे बेहटामुजावर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। सिर के एक टुकड़े में बाल और चेहरे की खाल पर दाढ़ी काली होने से पुलिस का अनुमान है कि मृतक की उम्र कम है और वह युवक है। कपड़ों के जो टुकड़े मिले हैं उससे पता चला कि वह सफेद रंग की शर्ट और नीले रंग की पैंट पहने था।
पुलिस ने यातायात रोक कर शव के अवशेषों को लकड़ी की फंटियों की मदद से खुरचकर एक पोटली में भरा। कपड़ा आने में कुछ देर होने से अवशेषों को एक होर्डिंग फाड़ कर उससे ढक दिया गया। शव की पहचान कराने की औपचारिकता भी पूरी की गई लेकिन शिनाख्त नहीं हो सकी। इसके बाद अवशेषों की पोटली पोस्टमार्टम हाउस में रखवा दी गई।
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थानाध्यक्ष फूल सिंह ने बताया कि जैसे ही सूचना मिली तुरंत टीम के साथ मौके पर पहुंचे थे। अवशेष तत्काल हटवाए गए। सिर के एक हिस्से में बाल काले नजर आ रहे हैं, इससे उम्र कम होने और युवक होने का अनुमान है। उनका कहना है कि मृतक मानसिक बीमार हो सकता है। जिले के अलावा आसपास जिलों में दर्ज हुई गुमशुदगी के आधार पर पहचान कराने का प्रयास किया जा रहा है। पहचान न होने पर नियमानुसार 72 घंटे बाद पोस्टमार्टम कराया जाएगा। अनुमान है कि युवक किसी चलते वाहन से गिरा और उसकी मौत हो गई।
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हादसा या हत्या को लेकर चर्चा
चर्चा यह भी रही कि किसी वाहन से गिरकर या हत्या करके भी शव को यहां फेंका जा सकता है। लोगों ने एक्सप्रेसवे पर होने वाली नियमित गश्त पर भी सवाल उठाए हैं। यूपीडा के सुरक्षा अधिकारी एके चंदेल ने बताया कि अनुमान है कि किसी वाहन से गिरकर मौत हुई है। यूपीडा की गश्ती टीम दूसरी लेन पर थी और कोहरा होने की वजह से कर्मचारी शव को नहीं देख पाए। बांगरमऊ सीओ अरविंद चौरसिया ने बताया कि किसी वाहन की टक्कर से हादसा हुआ है। मृतक की पहचान नहीं हो पाई है। हादसा या कुछ और यह तो मृतक की पहचान होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।

सुबह ड्यूटी पर नहीं थी पीआरवी
पुलिस सूत्रों के अनुसार, जिस स्थान पर यह हादसा हुआ वहां पीआरवी (2907) गश्त करती है, लेकिन चालक के छुट्टी पर होने और किसी अन्य चालक की ड्यूटी न लगाने से पीआरवी अपने प्वाइंट पर नहीं गई। सूत्रों के अनुसार, पीआरवी घटनास्थल से करीब 25 किलोमीटर दूर जगटापुर में खड़ी थी। पीआरवी में तैनात सिपाही यहीं किराये पर रहते हैं।
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घटनास्थल से 500 मीटर की दूरी पर चार जगह टूटी है जाली
लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर शादीपुर गांव के पास जिस स्थान पर घटना हुई वहां 253.200 किलोमीटर लिखा हुआ है। यहां 25 मीटर पर जाली टूटी हुई है। 500 मीटर की दूरी तक देखा गया तो चार स्थानों पर जाली टूटी मिली। इसमें कोई भी आसानी से एक्सप्रेसवे पर आ सकता है। सामान लाने ले जाने के लिए पास में अस्थायी बैरियर है। वहां से भी लोग आते-जाते हैं। इस बैरियर पर औरास के अटिया टोल से दो कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाती है। इसमें सुबह की ड्यूटी में अनुज और शैलेंद्र की तैनाती थी। लेकिन रात में किसकी ड्यूटी थी यह कोई नहीं बता पाया। जिनकी सुबह ड्यूटी थी उन्होंने भी घटना के बाद पहुंचने की बात कही।
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