उन्नाव जिले में सदर कोतवाली के अकरमपुर में बुधवार को हुई घटना में आईजी रेंज लक्ष्मी सिंह ने सदर कोतवाल, मगरवारा पुलिस चौकी इंचार्ज व दो सिपाहियों को निलंबित किया है। साथ ही सीओ सिटी से स्पष्टीकरण मांगा है। घटना की जांच रायबरेली जिले के एएसपी को सौंपी गई है।
बताते चलें कि उन्नाव में सड़क हादसे में मंगलवार को दो दोस्तों की मौत से गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग को लेकर बुधवार सुबह शव शुक्लागंज रोड पर रखकर जाम लगा दिया था। पुलिस ने शव हटवाने का प्रयास किया तो भीड़ ने पथराव कर दिया, जिसमें चौकी प्रभारी समेत 15 पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। बवाल बढ़ता देख पुलिस ने लाठियों से भीड़ को तितर-बितर किया था।
गलियाें से ईंट लेकर फेंकते रहे
उपद्रव के बीच गलियों से निकलकर भीड़ बार-बार ईंट-पत्थर लेकर पुलिस पर पथराव करती रही। आसपास के दुकानदार शटर बंदकर दुकान के अंदर घुस गए। कई उपद्रवियों ने छतों पर चढ़कर पुलिस पर ईंट बरसाईं। पुलिस कर्मियों को घायल देख उच्चाधिकारियों का इशारा मिलते ही पुलिस ने जिसे पाया दौड़ाकर पीटा। महिला कमांडो फोर्स ने आगे मोर्चा संभाल रहीं महिलाओं को सबक सिखाया। पुलिस के लठियाने पर भगदड़ मच गई। पुलिस ने उपद्रव में शामिल लोगों को घरों से निकालकर पीटा और कोतवाली पहुंचाया। ग्रामीणों के अनुसार पुलिस ने मृतकों के परिजनों को भी गिरफ्तार किया है।
ये पुलिसकर्मी हुए घायल
पथराव में मगरवारा चौकी प्रभारी अखिलेश यादव, दरोगा अबू मलिक, महिला थाना प्रभारी प्रेमवती, स्वॉट के स्पेशल कमांडो का सिपाही अंकित, सिपाही द्वारिकाधीश, उवैद उल्ला, अफसर अली, आमिर, शैफी, संतकुमार सिंह, नितिन कुमार, सोनू, चंद्रमौलि दुबे, रेनू यादव, अर्पिता यादव समेत अन्य को चोटें आई हैं।