जिला अस्पताल के दवा काउंटर पर लगी मरीजों की भीड़। संवाद
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उन्नाव/मौरावां। जिला अस्पताल के साथ स्वास्थ्य केंद्रों व आयुर्वेद अस्पतालों में बुखार मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। स्वास्थ्य केंद्राें में तो चौबीस घंटे मरीजों का आना-जाना लगा है। लेकिन आयुर्वेद इलाज कराने वाले मरीज भी अस्पताल खुलने से पहले ही गेट पर पहुंच जाते हैं और डॉक्टर के आने तक लाइन में लगे रहते हैं। बुखार व खांसी के मरीजों की संख्या बढ़ने के साथ ही जांच का दायरा भी बढ़ रहा है।
जिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना 200 से अधिक मरीज बुखार व खांसी से पीड़ित पहुंच रहे हैं। सोमवार को जिला अस्पताल की इमरजेंसी में पुरानी बाजार मोहल्ला निवासी मो. नौशाद (11), रमचरामऊ के सौर्य (3), तारगांव के वंश (11 माह), पटनहनखेड़ा की साक्षी (7), फतेहउल्लनगर के असत (7) व कुंदनरोड की राधिका (3) को बुखार आने पर इमरजेंसी में भर्ती कराया गया। सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी बुखार के मरीज पहुंचने वालों की संख्या 100 के पार है। रविवार को छुट्टी होने से सोमवार को सभी अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ी। वहीं, जांच कराने के लिए लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ा।
मौरावां के करदहा में संचालित आयुर्वेद अस्पताल में भी बुखार से पीड़ित मरीजों की भीड़ रही। राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल प्रभारी डॉ. अमित सोनी के मुताबिक बदलते मौसम के साथ बुखार व खांसी के मरीजों की संख्या बढ़ी है। इससे ओपीडी में आने वाले मरीजों की संख्या 60 से ऊपर पहुंच गई है। सोमवार को दोपहर एक बजे तक 56 मरीजों को देखा गया। इसमें 30 से अधिक मरीज बुखार व खांसी के ही शामिल थे। आने वाले मरीजों को सहजन, पपीता, अमरूद, टमाटर आदि अन्य पौधों का वितरण भी किया जा रहा है।