उन्नाव। डीएम और सीडीओ क्षेत्र में निकल कर स्वास्थ्य केंद्र, नगरीय निकाय और गांवों का लगातार निरीक्षण करें। यह बात अपर मुख्य सचिव उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण और जिले के नोडल अधिकारी एमवीएस रामी रेड्डी ने विकास भवन में बैठक के दौरान कही।
नोडल अधिकारी ने सोमवार को चिकित्सा, राजस्व, पंचायतीराज, शिक्षा और नगर विकास विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने डेंगू की तैयारियों की सीएमओ डॉ. सत्यप्रकाश से जानकारी ली। कहा कि घरों के आसपास व पीने के पानी के पास जलभराव नहीं होना चाहिए। जिला मलेरिया अधिकारी को निर्देश देते हुए कहा कि पानी में क्लोरीन की मात्रा की जांच करें। इसकी जानकारी ईओ को भी दें। कहा कि सरकारी अस्पतालों में पानी का जलभराव नहीं होना चाहिए। नर्सों और इमरजेंसी में आईसीयू बेड की जानकारी ली।
अगस्त में लिए गए सैंपलों के बारे में पूछा। उन्होंने कहा कि डेंगू और सीबीसी की जांच ज्यादा कराएं। बुखार पीड़ित की जांच करने में लापरवाही न बरती जाए। संदिग्ध डेंगू लक्षण वाले व्यक्ति का सैंपल अवश्य लें।
उन्होंने लोगों को क्लोरीन टैबलेट्स बांटने और ब्लड डोनेशन कैंप लगाने के निर्देश दिए। ईओ को फॉगिंग व जल के नमूने के सैंपल की रिपोर्ट दो दिन में देने को कहा। एसडीएम सदर व बीघापुर से बाढ़ की तैयारियों की जानकारी ली। एसडीएम ने जियो बैग लगाए जाने की जानकारी दी। नोडल अधिकारी ने कहा कि बाढ़ की तैयारी के साथ जरूरतमंद को प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाएं। बैठक में डीएम रवींद्र कुमार, एसपी अविनाश पांडेय, सीडीओ दिव्यांशु पटेल समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
मरीजों के बिस्तर, चादर, तकिया रोजाना बदले जाएं
अपर मुख्य सचिव ने जिला अस्पताल का निरीक्षण किया गया। उन्होंने इमरजेंसी वार्ड देखा, जहां साफ सफाई ठीक मिली। दवाओं की उपलब्धता और आईसीयू व सीटी मशीन का कमरा देखा। इमरजेंसी वार्ड में कुछ मरीज गंदे कपड़ों में मिले तो उन्हें सफाई की जानकारी देकर जागरूक किया। भर्ती मरीजों से कहा किसी को कोई दिक्कत हो तो जिला प्रशासन को जानकारी दें। उन्होंने महिला अस्पताल का निरीक्षण किया। उन्होंने ऑक्सीजन प्लांट भी देखा और वार्डों में बेडों की उपलब्धता की जानकारी ली। सीएमएस को निर्देश दिए कि मरीजों के बिस्तर, चादर, तकिया आदि प्रतिदिन बदले जाएं। अस्पताल परिसर में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए।