उन्नाव। पुराने वाहनों में भी सोमवार से हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। वाहन स्वामी ने जिस कंपनी से गाड़ी खरीदी है। उसी कंपनी में रजिस्ट्रेशन प्लेट के लिए प्रार्थनापत्र देना होगा। वहीं फीस जमा होने के बाद गाड़ी में लगी नंबर प्लेट बदली जा सकेगी। ऐसे वाहन जिनकी कंपनी ही बंद हो गई है ऐसे वाहन स्वामी एआरटीओ कार्यालय में प्रार्थनापत्र देंगे। उन वाहनों में रजिस्ट्रेशन प्लेट लगवाने की जिम्मेदारी एआरटीओ की होगी।
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी अनिल कुमार त्रिपाठी ने बताया कि परिवहन आयुक्त धीरज साहू के निर्देश पर 19 अक्तूबर से पुराने वाहनों में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगाने की प्रक्रिया शुरू होगी। किसी भी वाहन को फिटनेस प्रमाणपत्र तभी दिया जाएगा कि जब उसमें हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगी होगी। यदि कोई भी प्राधिकृत अधिकारी बिना हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट के फिटनेस प्रमाणपत्र जारी करता है तो उसके विरुद्ध मोटरयान अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। एआरटीओ ने कार्यालय के बाबुओं को निर्देश दिए हैं कि फिटनेश देने से पहले वाहन की सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट जरूर चेक कर ली जाए। हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगाने की रिपोर्ट प्रत्येक सप्ताह संभागीय परिवहन अधिकारी के माध्यम से मुख्यालय में उपलब्ध कराई जाएगी।