व्यापारियों से हस्ताक्षर कराने के दौरान कांग्रेसियों से जानकारी लेते कोतवाली प्रभारी चंद्रकांत
उन्नाव। यूपीआई से दो हजार रुपये से अधिक के लेनदेन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) लगाने का शहर कांग्रेस कमेटी और कांग्रेस विकलांग प्रकोष्ठ ने विरोध किया। इस दौरान मांगपत्र पर हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया।
कांग्रेस विकलांग प्रकोष्ठ के प्रदेश महासचिव तन्मय श्रीवास्तव ने व्यापारियों को देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए उन पर डिजिटल भुगतान से जुड़ा अतिरिक्त बोझ न डालने की मांग की। उन्होंने बताया कि बड़े मर्चेंट के 2,000 रुपये से अधिक के चुनिंदा यूपीआई लेन-देन पर 0.40 प्रतिशत तक एमडीआर शुल्क लग सकता है। यह शुल्क केवल व्यापारी को ही वहन करना होगा। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि इससे बड़े व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव पड़ सकता है।
शहर अध्यक्ष फैज फारूकी ने केंद्र सरकार से व्यापारियों के हित को ध्यान में रखकर एमडीआर व्यवस्था की समीक्षा की मांग की। चेतावनी दी कि यदि सात दिन में शुल्क वापस नहीं लिया गया तो कांग्रेस कार्यकर्ता सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। इस दौरान नसीम खान, इम्तियाज, शाश्वत बाजपेई, सरफराज गांधी, शकील खान, ओम पांडे, मीसम रजा, आशीष त्रिपाठी, ज्योति आर्या और अरविंद सोनी सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।