फोटो-8- कोरारी कला आरआरसी सेंटर में सूख रहे पौधे। संवाद
सोनिक। बिछिया ब्लॉक के कोरारी कला के आरआरसी सेंटर और ओरहर पीएचसी में लगाने के लिए आए सैकड़ों पौधे पड़े-पड़े ही सूख गए। जिम्मेदारों की यह लापरवाही पौधरोपण अभियान के प्रति उदासीनता दर्शाती है।
दो माह पूर्व पांच जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया था। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने पौधरोपण कर उनके संरक्षण के लिए लोगों को प्रेरित किया था। केंद्र और प्रदेश सरकार ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान चलाकर लोगों को पौधरोपण के लिए प्रेरित किया था लेकिन ये बातें आयोजनों तक ही सीमित रहीं।
इसकी बानगी बिछिया ब्लॉक क्षेत्र के दो स्थानों पर देखने को मिली। कोरारी कला गांव का चार्ज एडीओ पंचायत संदीप मिश्र के पास है। उनकी ग्राम पंचायत के आरआरसी सेंटर में वन विभाग से आए सैकड़ों पौधे पड़े-पड़े ही सूख गए। बीडीओ फहद खान ने बताया कि पौधों के सूखने की जानकारी नहीं है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
इसी ब्लॉक क्षेत्र की ओरहर पीएचसी में भी आए पौधे रोपने की जहमत किसी ने नहीं उठाई। जिम्मेदारों की उदासीनता के शिकार ये पौधे भी पड़े-पड़े सूख गए। सीएससी प्रभारी डॉ. नरेंद्र कुमार ने बताया कि जब वह पीएचसी गए थे तब परिसर में पानी भरा था। इसके चलते पौधरोपण नहीं हो पाया। कहा कि जांच कराकर दोषी पर कार्रवाई की जाएगी।
फोटो-8- कोरारी कला आरआरसी सेंटर में सूख रहे पौधे। संवाद