सफीपुर। छूही गांव में पति के साथ मायके आई गर्भवती का शव अगले ही दिन कमरे में फंदे से लटका मिला। उसका आठ महीने पहले विवाह हुआ था और एक माह की गर्भवती थी। पिता ने पुलिस को बताया कि ससुराल वाले बेटी के चरित्र पर शक करते थे। इसी वजह से बेटी आहत थी।
सफीपुर कोतवाली के छूही गांव निवासी गीता (22) पुत्री रजयपाल का विवाह इसी साल फरवरी में बेहटामुजावर थाना क्षेत्र के गांव नासिरापुर निवासी हरिशंकर के बेटे राहुल से हुआ था। तब से वह ससुराल में रह रही थी। पिता ने बताया कि सोमवार को पति राहुल और अन्य ससुराल वाले उसे लेकर मायके आए यहीं छोड़कर चले गए थे।
मंगलवार सुबह घर के बरामदे में गीता का साड़ी के फंदे से शव लटका मिला। पिता ने बताया कि बेटी एक महीने की गर्भवती थी। आरोप लगाया कि पति और सास गीता के चरित्र पर शक जताते और उलाहना दे रहे थे। अनर्गल आरोपों पर बार-बार सफाई देने से बेटी आहत थी। मायके छोड़ जाने के बाद वह बुरी तरह टूट गई और रो-रोकर बेहाल थी। आरोप है कि इसी वजह से उसने खुदकुशी कर लगी। मां गुड्डी, बड़ा भाई महेंद्र, बड़ी विवाहित बहन आरती सहित अन्य परिजन बेहाल हैं। कोतवाल संदीप मिश्रा ने बताया कि मृतका के परिजनों ने अभी तहरीर नहीं दी है। शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया है।