रामनारायण उर्फ महेश (फाइल फोटो)
- फोटो : samvad
सफीपुर। उन्नाव-संडीला मार्ग पर सारंगहार गांव के पास सड़क किनारे गड्ढे में भरे पानी में श्रमिक का शव संदिग्ध हालात में मिला। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डूबने से मौत की पुष्टि हुई है।
औरास थाना क्षेत्र के शरीफाबाद गांव निवासी रामनारायण उर्फ महेश (50) लखनऊ की प्लाई फैक्टरी में काम करते थे। वह पारा थाना क्षेत्र के काकोरी मोड़ स्थित सलेमपुर पतौरा में तीन बच्चों के साथ रहते थे। बेटे अविरल ने बताया कि पिता रविवार की सुबह शरीफाबाद गांव आए थे। शाम साढ़े तीन बजे वह आसीवन थाना क्षेत्र के लच्छाखेड़ा गांव में मेरे मौसा मुकेश कुमार के घर गए थे। वहां कोई न मिलने पर उन्होंने फोन पर घर लौटने की बात बताई। इसके बाद वह घर नहीं लौटे और उनका फोन भी नहीं उठा।
सोमवार सुबह उन्नाव-संडीला मार्ग पर आसीवन थाना क्षेत्र के सारंगहार गांव के पास लखनऊ के शीतलापुरम राजाजीपुरम निवासी अक्षत के आम के बाग में सड़क और बाग के बीच गहरे गड्ढे में भरे पानी में उनका शव मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से शव को बाहर निकलवाया। जामा तलाशी में जेब से मिली डायरी में लिखे मोबाइल नंबर से परिजनों को सूचना दी गई। थानाध्यक्ष प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि परिजनों ने कोई आरोप नहीं लगाया है।
बेटे अविरल ने बताया कि मां की करीब 12 साल पहले मौत हो चुकी है। रामनारायण के तीन बच्चे हैं, जिनमें अविरल के साथ बेटियां नीलम और शीलम हैं। सभी बच्चे लखनऊ में रहकर पढ़ाई कर रहे हैं। मां के बाद अब पिता का भी साया सिर से उठ जाने से बच्चे बेहाल हैं।
रामनारायण उर्फ महेश (फाइल फोटो)- फोटो : samvad