पुरवा। प्लॉट खरीदने के लिए पत्नी के खाते में रकम भेजने के बाद मायके वालों ने धोखाधड़ी कर प्लॉट बेटी के नाम करा दिया। इस पर पति-पत्नी में विवाद हुआ। पुलिस के सुनवाई न करने पर पीड़ित ने न्यायालय की शरण ली। तब पत्नी सहित अन्य ससुराल वालों पर प्राथमिकी दर्ज हुई।
पुरवा कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला जोतपुर निवासी शिवप्रकाश बाजपेई ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में प्रार्थनापत्र देकर बताया था कि उनके बेटे मोहित कुमार की शादी 15 मई 2019 को भगवंतनगर निवासी प्रियंका दीक्षित से हुई थी। दोनों के दो बच्चे हैं। मोहित मर्चेंट नेवी में कार्यरत था। शिवप्रकाश का आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद से ही पति-पत्नी के बीच विवाद रहने लगा।
प्रियंका बच्चों के साथ मायके में रहती थी और मोहित पर माता-पिता से अलग रहने का दबाव बनाया जाता था। इसी बीच प्लॉट खरीदने के लिए मोहित ने पत्नी के पंजाब नेशनल बैंक खाते में ऑनलाइन रकम भेजी थी। ससुराल वालों ने कहा कि प्लॉट मोहित के नाम होगा, लेकिन रुपये आते ही रजिस्ट्री प्रियंका के नाम करा दी गई। शिकायत के मुताबिक 17 मई 2026 को इसका पता चलने पर मोहित परेशान हो गया। 18 मई को बेटे के घर आने पर ससुराल वालों से उसका विवाद भी हुआ। पुलिस से शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। कोतवाल भवन सिंह मौर्य ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर प्रियंका, उसके पिता बृजेशचंद्र दीक्षित और अन्य ससुराल वालों पर प्राथमिकी दर्ज की गई है।