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Unnao News: 2.49 करोड़ के गबन में वरिष्ठ लिपिक सहित चार निलंबित

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पुरवा (उन्नाव)। एमआरएस इंटर कॉलेज में 2.49 करोड़ रुपये के गबन में लेखाधिकारी की जांच रिपोर्ट के बाद कॉलेज के प्रबंधक ने वरिष्ठ लिपिक सहित दो बाबुओं और प्रधानाचार्य ने दो परिचारकों को निलंबित कर दिया है। इस मामले में 23 मई को संयुक्त शिक्षा निदेशक ने डीआईओएस कार्यालय के बाबू को निलंबित कर दिया था। अब प्राथमिकी दर्ज कराने की तैयारी है।
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एमआरआरएस इंटर कॉलेज के सहायक लिपिक राधेश्याम ने करीब डेढ़ महीने पहले डीआईओएस से शिकायत की थी। इसमें बताया कि परिचारक विनोद कुमार त्रिपाठी, कुलदीप कुमार के बैंक खातों में वरिष्ठ लिपिक अमित कुमार मिश्र ने अपने खाते के साथ हम लोगों के खातों में 2,49,77,389 रुपये अलग-अलग तिथियों में डलवाए और यह कहकर निकलवा लिए कि ये रुपये मेरे जीजा के हैं। यह भी बताया कि बाबू ने एचडीएफसी बैंक, पीएनबी, एसबीआई के खातों के चेक दिए। उससे भी रुपये निकालकर उन्हें दिए थे। जब बैंक का स्टेटमेंट निकलवाया गया तो उसमें रुपये कोषागार से भेजने का पता चला। खुद को फंसता देख कर्मचारियों ने 23 अप्रैल को डीआईओएस कार्यालय में शिकायत की थी।
इस पर डीआईओएस ने तीन सदस्यीय टीम गठित की थी। लेखाधिकारी पीयूष सिंह ने जांच में अनियमितता पाई जिसमें परिचारक विनोद कुमार त्रिपाठी के खाते में उनके वेतन के अलावा 24,59,340 रुपये अतिरिक्त मिले। परिचारक कुलदीप कुमार के बैंक खाते में 6,04,689, लिपिक राधेश्याम के खाते में 2,50,000, वरिष्ठ लिपिक अमित कुमार मिश्र के बैंक खाते में 2,16,02,660 रुपये अन्य स्रोतों से अतिरिक्त मिले थे। लेखाधिकारी की जांच रिपोर्ट के आधार पर संयुक्त शिक्षा निदेशक ने डीआईओएस कार्यालय के बाबू सागर कपूर को 26 मई को निलंबित कर दिया था। काॅलेज के वरिष्ठ लिपिक अमित कुमार मिश्र, शिकायतकर्ता राधेश्याम के साथ दोनों परिचारकों के निलंबन का पत्र भेजा था।
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एमआरएस इंटर कॉलेज के प्रबंधक रमेश गुप्ता ने बताया कि दोनों बाबुओं और दोनों परिचारकों को निलंबित कर डीआईओएस को रिपोर्ट भेज दी गई है।
डीएम स्तर से गठित टीम की जांच रिपोर्ट का अभी इंतजार


डीएम स्तर से गठित तीन सदस्यीय टीम में परियोजना निदेशक डीआरडीए तेजवंत सिंह, वरिष्ठ कोषाधिकारी कौशलेंद्र सिंह और बीएसए शैलेश कुमार पांडेय शामिल हैं। इन लोगों की अभी जांच चल रही है। उसकी रिपोर्ट का अभी इंतजार है।
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