पुरवा। भरतखेड़ा गांव में खेत जाने के लिए निकले किसान के रास्ते में बेहोश मिलने की घटना में इलाज के दौरान 19 दिन बाद मौत हो गई। परिजन शव घर लेकर पहुंचे और पड़ोसी गांव के युवक पर जमीन के विवाद में जहर का आरोप लगाया। पोस्टमार्टम में मौत का कारण स्पष्ट न होने पर विसरा सुरक्षित किया गया।
कोतवाली क्षेत्र के भरतखेड़ा गांव निवासी मालती लोधी ने बताया कि पति जगन्नाथ लोधी (42) 23 फरवरी को खेत जाने के लिए निकले थे। रास्ते में ही उनकी हालत बिगड़ गई थी। पहले उन्हें सीएचसी फिर शहर के निजी अस्पताल ले जाया गया था। हालत गंभीर होने पर डॉक्टर की सलाह पर लखनऊ के निजी अस्पताल में भर्ती किया गया था, जहां बृहस्पतिवार रात मौत हो गई और शुक्रवार सुबह शव घर लेकर पहुंचे।
बेटे अनुज लोधी ने सात महीने पहले पिता ने घसनाखेड़ा गांव निवासी युवक से छह बिसुवा जमीन खरीदी थी, उसका बैनामा हो चुका था लेकिन बैंक का लोन होने से दाखिल-खारिज नहीं हो सका। इसी को लेकर विवाद चल रहा था। कोतवाल अमरनाथ यादव ने बताया कि तहरीर के आधार शव का पोस्टमार्टम कराया गया है।