फोटो-2- स्कूल में छात्रों को जागरूक करते पॉलिटेक्निक के शिक्षक। स्रोत: शिक्षक
सोनिक। राजकीय और सहायता प्राप्त पॉलीटेक्निक संस्थानों में प्रवेश बढ़ाने के लिए संयुक्त प्रवेश परीक्षा परिषद, ग्रामीण युवाओं को जागरूक कर रही है। घर-घर जाकर छात्र-छात्राओं को इंजीनियरिंग शिक्षा के महत्व, रोजगार के अवसरों और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में इसके लाभों से की जानकारी दे रही हैं।
दही चौकी पाॅलीटेक्निक प्रधानाचार्य पीयूष शाक्य ने बताया कि पॉलीटेक्निक में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 15 जनवरी से शुरू हो चुकी है। इसके लिए संस्थान स्तर पर जागरूकता अभियान चलाकर अधिक से अधिक विद्यार्थियों को पॉलीटेक्निक से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। संयुक्त प्रवेश परीक्षा (पॉलीटेक्निक)-2026 तकनीकी शिक्षा के माध्यम से आत्मनिर्भर भारत की दिशा में मजबूत कदम है। बताया कि इसके लिए 200 से 300 रुपये फीस देकर आवेदन किया जा सकता है। राजकीय व अनुदानित संस्थानों में प्रवेश लेने वाले आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों की ट्यूशन फीस वापस कर दी जाएगी। गांवों और डिग्री कॉलेज इंटर कालेज में जाकर युवाओं को जागरूक किया जा रहा है।
ये है प्रवेश प्रक्रिया
- ऑनलाइन आवेदन : 15 जनवरी से 28 फरवरी
- प्रवेश परीक्षा : 15 मई से 22 मई
- परिणाम की घोषणा : 30 मई
- ऑनलाइन कॉउंसिलिंग : पांच जून से
- नए सत्र की कक्षाएं प्रारंभ : अगस्त 2026 से
छात्र संख्या कम होने से एक साल पहले बंद हो चुके हैं ये कोर्स
छात्र संख्या कम होने के चलते दही पॉलिटेक्निक में साइबर सिक्योरिटी, पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन कंप्यूटर एप्लीकेशन, पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन हार्डवेयर नेटवर्किंग व पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन एकाउंटेंसी के कोर्स एक साल पहले बंद हो चुके हैं। मौजूदा समय में कंप्यूटर साइंस और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग ट्रेड में 75-75 सीटें हैं, इनमें प्रवेश होने हैं।