फोटो-1- जानकारी देते प्रधानाचार्य पीयूष शाक्य। स्रोत: शिक्षक
सोनिक। दही चौकी स्थित राजकीय पाॅलिटेक्निक में छह महीने के सात नए कोर्स शुरू किए गए हैं। इन व्यवसायिक कोर्सों के संचालन से छात्रों को पढ़ाई के साथ आगे नौकरी मिलने के साथ ही रोजगार करने में भी मदद मिलेगी। साथ ही बैंक से ऋण मिलने में भी आसानी होगी।
राजकीय पाॅलिटेक्निक के प्रधानाचार्य पीयूष शाक्य ने बताया कि एक अक्तूबर से सीडीटीपी योजना के तहत इलेक्ट्रीशियन, हाउस वायरिंग, वेल्डिंग, फेब्रिकेशन, जरी-जरदोजी, कटिंग एंड टेलरिंग, ब्यूटीशियन और हेयर ड्रेसिंग के कोर्स निशुल्क चलेंगे। ये सभी कोर्स भारत सरकार के अधीन हैं। कोर्स के प्रशिक्षण की अवधि छह महीने की होगी।
इन कोर्सों को करने वाले छात्रों की न्यूनतम शिक्षा आठ पास होनी चाहिए। इसका उद्देश्य ग्रामीण और असंगठित आबादी जैसे वंचित समूहों को अल्पकालिक, अनौपचारिक और रोजगार मुखी कौशल विकास कार्यक्रम प्रदान करना है। बताया कि 30 सितंबर 2025 तक उपरोक्त कोर्सों में प्रशिक्षण लेने वाले अभ्यर्थी और इच्छुक प्रशिक्षक संस्था में उपस्थित होकर अपना आवेदन प्रस्तुत कर दें।
बताया कि प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों को प्रशस्ति पत्र व प्रमाण पत्र भारत सरकार के दिए जाएंगे। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद नौकरी में भी मदद मिलेगी। अभ्यर्थी अपना स्वरोजगार करना चाहते हैं तो उनको बैंक ऋण लेने में भी आसानी होगी।
प्रधानाचार्य ने बताया कि यह योजना पॉलिटेक्निक, राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थानों और औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के मौजूदा बुनियादी ढांचे का लाभ उठाकर ऐसे पाठ्यक्रम प्रदान करती है जो आमतौर पर निशुल्क होते हैं और स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप होते हैं जिसका उद्देश्य प्रतिभागियों के लिए स्वरोजगार और वेतन रोजगार के अवसरों को बढ़ाता है।