उन्नाव। जनपद की 38 ग्राम पंचायतों के प्रधानों और 28 सचिवों (ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों) ने नौ साल पहले के कराए गए कार्यों के मूल अभिलेख ऑडिट के लिए नहीं दिए। जिला लेखा परीक्षा अधिकारी सहकारी समितियां और पंचायत ने कई बार रिमाइंडर दिए लेकिन अभिलेख नहीं दिए। इस कारण 2.21 करोड़ के विकास कार्यों का आडिट नहीं हो पाया। अब शासन से तत्कालीन प्रधानों और सचिवों से वसूली के आदेश जारी हुए हैं। डीपीआरओ ने अंतिम मौका देते हुए नोटिस जारी कर अभिलेख उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
जिले में 1037 ग्राम पंचायतें हैं। पंचायतों में विकास कार्यों के लिए केंद्रीय व राज्य वित्त से हर साल करोड़ों रुपये का बजट दिया जाता है। इस धनराशि से गांवों में विकास कराने की जिम्मेदारी प्रधानों की होती है। बजट शासनादेश के अनुसार खर्च हो रहा है या नहीं, इसकी निगरानी के लिए ग्राम पंचायत विकास अधिकारी तैनात किए जाते हैं। नियमानुसार इनको खर्च की गई धनराशि के अभिलेख बिल सहित तैयार करने होते हैं।
जिला लेखा परीक्षा अधिकारी खर्च की गई धनराशि का ऑडिट यानि मूल्यांकन करते हैं। इसके लिए सचिवों को अभिलेख उपलब्ध कराना होता है। इधर, शासन की ओर से पंचायतीराज विभाग को भेजे पत्र में वित्तीय वर्ष 2017-18 में खर्च की गई 2,21,06,724 की धनराशि के अभिलेख न देने की जानकारी दी गई। अभिलेख न दिए जाने से विकास कार्यों में खर्च बजट का ऑडिट नहीं हो सका। इसके चलते प्रधानों व सचिवों से वसूली के आदेश दिए गए।
इंसेट-1
20 प्रमुख ग्राम पंचायतों के प्रधानों और सचिवों से वसूली जाने वाली धनराशि
ब्लाॅक पंचायत प्रधान सचिव धनराशि
हसनगंज निजामपुर पचगहना कुसमा सुनीता पाल 31,200
हसनगंज मूसेपुर नन्हे लाल सुनील करकेटा 9,94,830
हसनगंज कुरौली सरोजनी आशीष यादव 1,25,040
हसनगंज सिघनापुर अवधेश सुनील करकेटा 56,918
हसनगंज आदमपुर भासी संतोष आशीष यादव 18,97,113
सफीपुर मऊ मंसूरपुर माधुरी देवी महेंद्र भूषण 24,583
सफीपुर जुझारूपुर रामखेलावन महेंद्र भूषण 24,375
असोहा बिलौरा सुरेश कुमार श्रीकांत 2,92,700
असोहा केवनी सुमेर श्रीकांत 2,48,205
असोहा मझरिया अकील श्रीकांत 1,62,600
असोहा समाधा राजकपूर सर्वेश वर्मा 6,05,692
सिकंदरपुर सरोसी पूरानिस्पंसारी बीबी सिंह राजीव लोचन 1,15,520
सिकंदपुर सरोसी अकबरपुर दबौली उमेश चंद्र राजीव लोचन 1,35,440
औरास अलीपुर मिचलौला सुरेश कुमार सुनील करकेटा 24,99,134
औरास अहमदपुर कासिमपुर हरिपाल विपिन कुमार 8,28,139
औरास हाजीपुर गोसा प्रदीप सीमा कश्यप 13,32,271
मियागंज कनिगांव माया देवी रुपेंद्र यादव 21,44,809
सिकंदपुर कर्ण रजवाखेड़ा लक्ष्मी अरुण व समीर 35,37,118
फतेहपुर चौरासी उद्साह निर्मला उदय प्रताप 11,63,281
नवाबगंज शाहपुर मुन्नी देवी बृजेश यादव 1,07,802
वर्जन...
ऑडिट के लिए अभिलेख उपलब्ध न कराने वाले प्रधानों व सचिवों से वसूली के आदेश शासन से मिले हैं। इसको देखते हुए सभी को अंतिम अवसर देते हुए नोटिस जारी करके सात दिन में अभिलेख मांगे गए हैं। तय समय पर अभिलेख न देने पर प्रधान व सचिवों से बराबर की वसूली की जाएगी।श्रीकांत यादव, डीपीआरओ।