उन्नाव/पुरवा। फर्जी समूह बनाकर 11 लाख के गबन के आरोपी ब्लाॅक मिशन मैनेजर (बीएमएम) को पुरवा पुलिस ने मंगलवार को अदालत में पेशकर जेल भेज दिया। उधर, बीएमएम की सेवा समाप्ति की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत पुरवा में फर्जी समूहों का गठन करके 11 लाख रुपये के सरकारी धन का बंदरबांट करने वाले संविदा कर्मी बीएमएम दीपराज को डीएम घनश्याम मीणा ने सोमवार को बैठक के दौरान पुलिस बुलाकर गिरफ्तार करा दिया था। दीपराज समेत तीन महिलाओं पर पुरवा कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज होने पर कोतवाली पुलिस ने रात में ही सुपुर्दगी में दे दिया था। मंगलवार को पुरवा पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया। वहीं एनआरएलएम उपायुक्त भानु प्रताप सिंह ने संविदा कर्मी की सेवा समाप्ति की कार्रवाई शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि आरोपी को पहले एक एक नोटिस बीडीओ स्तर से जारी की गई थी। जिस पर उसके द्वारा कोई जवाब नहीं दिया गया था। उसकी सेवा समाप्ति के लिए सेवा प्रदाता कंपनी को संस्तुति पत्र जल्द भेजा जाएगा।