उन्नाव। ईरान और अमेरिका-इस्राइल में चल रहे तनाव से कच्चे तेल की कमी के चलते डामर (तारकोल) के दाम दोगुने हो गए हैं। इस कारण ठेकेदारों ने सड़क निर्माण से हाथ खड़े कर दिए हैं। इसके चलते जिले में करीब 70 करोड़ के लगभग 60 मार्गों का निर्माण रुक गया है। इनमें स्टेट हाईवे से ग्रामीण क्षेत्र तक के मार्ग शामिल हैं।
ईरान और अमेरिका-इस्राइल के बीच 28 फरवरी से युद्ध शुरू हुआ था। करीब 54 दिनों से तनाव जारी है। ईरान कच्चे तेल का प्रमुख उत्पादक है। युद्ध के चलते कच्चे तेल से बनने वाले उत्पादों के मूल्यों में वृद्धि हुई है। इसमें डामर भी शामिल है। युद्ध से पहले डामर का मूल्य करीब 44 हजार रुपये टन था जो अब बढ़कर 88 हजार रुपये टन हो गया है। इसके चलते ठेकेदार डामरीकरण के कार्य से इन्कार कर रहे हैं। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के सूत्रों के मुताबिक करीब 60 ऐसे मार्ग हैं जिनका अनुबंध पत्र तैयार हो चुका है लेकिन डामर की कीमतों में उछाल आ जाने से ठेकेदार पीछे हटने लगे हैं। इन मार्गों का बजट करीब 70 करोड़ है। इनमें राजमार्ग भी शामिल हैं। कुछ गांव के संपर्क मार्ग भी डामरीकरण के इंतजार में हैं।
पीडब्ल्यूडी इंजीनियरों के मुताबिक एक किलोमीटर के 3.75 मीटर चौड़ाई वाले मार्ग के डामरीकरण में करीब सात टन डामर लगता है। वहीं सात मीटर चौड़ाई वाले मार्ग में डामर की मात्रा बढ़कर 14 टन हो जाती है। ऐसे में युद्ध से पहले ठेकेदार का जिस सड़क के डामरीकरण में 44 हजार रुपये टन का औसत खर्च आ रहा था वही अब बढ़कर 88 हजार रुपये हो गया है। दोगुना खर्च बढ़ जाने से ही ठेकेदार पीछे हटने लगे हैं। इसका असर सड़क निर्माण पर पड़ने लगा है।
केस-1
संडीला-चकलवंशी राजमार्ग
चकलवंशी। राजमार्ग में शामिल चकलवंशी-संडीला मार्ग को 10 मीटर चौड़ा करने के लिए 28.42 करोड़ स्वीकृत हुए हैं। पहली किस्त के रूप में 3.97 करोड़ जारी भी हुए हैं। मार्ग को सात मीटर से बढ़ाकर 10 मीटर चौड़ा किया जाना है। 28 फरवरी को सांसद डॉ. हरि साक्षी महाराज ने इसका शिलान्यास किया था। इसके बाद युद्ध शुरू हो गया तो डामर के रेट आसमान पर पहुंच गए। इस पर ठेकेदार ने काम बंद कर दिया। (संवाद)
केस-2
आधा ही बना है गंजमुरादाबाद-सिरधरपुर मार्ग
गंजमुरादाबाद। करीब 13 किलोमीटर लंबे गंजमुरादाबाद-सिरधरपुर मार्ग निर्माण के लिए 2.51 करोड़ का बजट स्वीकृत हुआ है। बांगरमऊ विधायक श्रीकांत कटियार ने इसका शिलान्यास 29 मार्च को किया था। अभी यह मार्ग आधा ही बन पाया कि डामर के दामों में वृद्धि हो गई। आठ अप्रैल से ठेकेदार ने निर्माण रोक दिया। तब से काम बंद पड़ा है। ठेकेदार का कहना है कि काम तभी शुरू करेंगे जब या तो डामर के रेट कम हों या सरकार उन लोगों को हो रहे नुकसान की भरपाई करने का आश्वासन दे। (संवाद)
इन मार्गों का भी रुका है निर्माण
उन्नाव-कानपुर मार्ग, मरहला से आजाद मार्ग, सरोसी से परियर मार्ग, मौरावां-बछरावां-निगोहा मार्ग, कालूखेड़ा-कांथा-मुसल्लावां मार्ग आदि का भी निर्माण रुका है।
वर्जन
डामर के रेट अचानक बढ़ जाने से ठेकेदार या तो काम शुरू नहीं कर रहे हैं या चल रहे कार्यों को रोक रहे हैं। कई बार सख्ती भी की गई लेकिन इसके बाद भी वह काम करने को तैयार नहीं हैं। उच्चाधिकारियों को जानकारी देकर आगे कार्य किया जाएगा। -हरदयाल अहिरवार, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी।