फोटो-17-हरदोई-उन्नाव मार्ग पर विचरण करते छुट्टा जानवर। संवाद
- फोटो : गंध कुटी में पूजा करते थाइलैंड के अनुयायी।
गंजमुरादाबाद। संचालकों की लापरवाही के चलते 50 से कम गोवंश दर्शाकर बांगरमऊ विकासखंड की दो गोशालाओं को बंद कर दिया गया। इससे 15 किमी तक कोई गोशाला न होने से गोवंश सड़कों और खेतों से लेकर लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर धमाचौकड़ी कर रहे हैं।
बांगरमऊ विकास खंड क्षेत्र के ग्राम नसिरापुर में पांच वर्षों से गोशाला का संचालन किया जा रहा था। संचालक की लापरवाही से अधिकांश गोवंश कटीले तारों की बाड़ तोड़कर भाग गए। कुछ काल के गाल में समा गए जिससे यहां गोवंशों की संख्या 50 से कम हो गई। इसी कारण यहां की गोशाला को दो महीने पहले बंद कर दिया गया।
इसी प्रकार ततियापुर की गोशाला के संचालक द्वारा लापरवाही के चलते गोवंशों की संख्या 50 से कम हो जाने से इसको भी बंद कर दिया गया। अब लखनऊ आगरा एक्सप्रेसवे के किनारे के इन दोनों गांवों के 15 किमी तक कोई गोशाला नहीं रह गई है। इन गांवों और उनके आसपास के गांवों के गोवंश हरदोई उन्नाव मार्ग के अलावा खेतों में धमाचौकड़ी करते दिखाई देते हैं। गोवंश लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर भी आसानी से पहुंच रहे हैं।
पशु चिकित्साधिकारी डॉ. दिनेश चंद्रा ने बताया कि दो गोशालाओं को खत्म कर दिए जाने से कुछ गांवों में गोवंशों के विचरण करने की शिकायत आ रही है। यदि किसान छुट्टा जानवरों को गोशाला में संरक्षित कराना चाहते हैं तो साईंपुर सगौड़ा की गोशाला में पहुंचा सकते हैं। इसकी जानकारी उन्हें पहले दे दें।