गंजमुरादाबाद (उन्नाव)। बांगरमऊ तहसील के गांव फतेहपुर खालसा की चार हजार आबादी पिछले पांच दिन से बिन बिजली गुजारा कर रही है। गांव के चार हजार लोग परेशान हैं। बच्चों की पढ़ाई बाधित है, वह मोमबत्ती की रोशनी में पढ़ने को मजबूर हैं। कोई इन्वर्टर चार्ज करने के लिए सोलर पैनल लगवा रहा है। ग्रामीण मोबाइल चार्ज करने पड़ोसी गांव जा रहे हैं। क्षेत्रीय विधायक के कहने पर बिजली निगम ने पांचवें दिन मंगलवार रात आठ बजे गांव की बिजली जोड़ी, लेकिन दस मिनट बाद ही तार टूट गया।
फतेहपुर खालसा की आबादी करीब चार हजार है। दस अप्रैल को सुबह बिजली निगम की टीम गांव में स्मार्ट मीटर लगाने पहुंची थी। जहां 10-12 घरों में लगाने के बाद अन्य ग्रामीणों ने स्मार्ट मीटर लगवाने से इन्कार कर दिया। उपभोक्ता तैयार नहीं हुए तो कर्मचारियों ने गांव की बिजली काट दी थी। हालांकि विधायक के हस्तक्षेप पर शुक्रवार रात में बिजली जोड़ी गई लेकिन अगले ही दिन फिर काट दी गई। अब ग्रामीण स्मार्ट मीटर से पहले जर्जर बिजली लाइन को बदलने पर अड़े हैं, वहीं बिजली निगम के अधिकारी गांव में स्मार्ट मीटर लगाने के बाद ही आपूर्ति शुरू करने की बात कह रहे हैं। इस खींचतान में पिछले पांच दिन से गांव की बिजली गुल है। ग्रामीणों में राजू खां, गौरी शंकर, हफीज, रिजवान खां, फैयाज खां, अजय पाल, मनोज कुमार, मेराज, आकिब, इसरार खां आदि ने बताया कि गांव में करीब पच्चीस जगह एलटी लाइन के तार जर्जर हैं, जो अक्सर टूटकर गिरते हैं और बिजली आपूर्ति पूरे-पूरे दिन बाधित रहती है। बताया कि सबमर्सिबल पंप न चलने से हैंडपंप का सहारा लेना पड़ रहा है। बिजली न आने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित है। मोबाइल स्विच ऑफ हैं, उन्हें चार्ज करने के लिए गांव के लोग पड़ोस के गांव फतेहपुर हमजा में परिचितों के यहां चार्ज कर रहे हैं। परेशान होकर लोग सोलर पैनल भी लगवाने लगे हैं। इसी गांव निवासी शिक्षामित्र सलीम खां ने बताया कि वह आज ही छह हजार रुपये का सोलर पैनल खरीदकर लाए हैं। इससे इन्वर्टर की बैटरी चार्ज कर रहे हैं। गांव के लोगों की समस्या पर क्षेत्रीय विधायक श्रीकांत कटियार से बात की गई तो उन्होंने बिजली निगम के अफसरों से बात की। उनके हस्तक्षेप के बाद मंगलवार रात आठ बजे गांव की बिजली जोड़ी गई, लेकिन गांव में एलटी लाइन का तार टूटने से दस-पंद्रह मिनट बाद ही चली गई। जेई कमलेश कुमार ने बताया कि तार जोडा जा रहा है, रात में बिजली दी जाएगी।
अधिकारियों ने अधीक्षण अभियंता को नहीं दी जानकारी
ग्रामीणों व बिजली निगम के अधिकारियों के बीच स्मार्ट मीटर को लेकर पांच दिन से तनातनी चल रही है। ग्रामीण अंधेरे में हैं लेकिन बांगरमऊ एक्सईएन, एसडीओ व जेई ने अधीक्षण अभियंता अमिय कुमार सिंह को मामले तक की जानकारी नहीं दी। अधीक्षण अभियंता ने बताया कि उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं है, दिखवाते हैं
वर्जन...
स्मार्ट मीटर लगवाना अनिवार्य कर दिया गया है। जिलाधिकारी द्वारा प्रतिदिन प्रगति रिपोर्ट मांगी जाती है। इसलिए जब तक 60 फीसदी स्मार्ट मीटर नहीं लग जाएंगे, तब तक बिजली आपूर्ति करना संभव नहीं है। एसडीओ को गांव जाकर उपभोक्ताओं से संपर्क और बात करने को कहा गया है।- बृज मोहन शुक्ला, एसडीएम बांगरमऊ।
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पार्टी के निर्देश पर काफी दिनों से पश्चिम बंगाल में हैं, गांव की समस्या का पता चला था। एक्सईएन और जेई से बात करके मंगलवार रात आठ बजे लाइट जोड़वा दी है। एक्सईएन को बता दिया है कि वह गांव की बिजली न काटें वह कुछ दिनों में वह उन्नाव लौटेंगे। खुद गांव जाकर ग्रामीणों से बात करेंगे और बिजली निगम के अधिकारियों को मौके पर बुलाकर समस्या का समाधान कराएंगे। -श्रीकांत कटियार, विधायक बांगरमऊ
फोटो-11-अमर सिंह
बिजली निगम कर रहा तानाशाही
ग्राम फतेहपुर खालसा निवासी अमर सिंह ने बताया कि बिजली न होने से गांव में जनजीवन प्रभावित है। वहीं बिजली निगम पूरी तरह से तानाशाही पर उतारू है। जनता की कठिनाइयों से उसका कोई लेना देना नहीं है। स्मार्ट मीटर लाइन दुरुस्त करने के बाद भी लगाए जा सकते हैं।
फोटो-12-हिफाजत खां
जरूरत पड़ी तो देंगे धरना
ग्राम फतेहपुर खालसा निवासी हिफाजत खां ने बताया कि बिजली की समस्या नासूर बन गई है। अधिकारियों ने स्मार्ट मीटर लगाने के लिए पूरा दबाव बना रखा है। जब तक क्षतिग्रस्त लाइन को दुरुस्त नहीं किया जाता, वह स्मार्ट मीटर नहीं लगवाएंगे। आवश्यकता हुई तो शांतिपूर्वक धरना प्रदर्शन किया जाएगा।
फोटो-11-अमर सिंह
फोटो-11-अमर सिंह