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दो टीचर निलंबित व एक की सेवा समाप्त

Wed, 08 Apr 2015 01:04 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, उन्नाव
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उन्नाव। शिक्षा व्यवस्था को मजाक बनाकर इसे तार-तार करने वाली तीन शिक्षिकाओं पर मंगलवार को कार्रवाई का चाबुक चला। दो शिक्षिकाओं को विद्यालय की कार्यप्रणाली में अनियमितता बरतने पर निलंबित कर दिया गया व एक की बिना सूचना के लगातार चार साल तक विद्यालय न पहुंचने पर सेवा समाप्त कर दी गई।
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 बांगरमऊ के मदारनगर स्थित प्राइमरी विद्यालय में प्रधान शिक्षिका के पद पर तैनात आशा चौधरी की ग्राम प्रधान व अन्य ग्रामीणों ने समय से विद्यालय न पहुंचने की शिकायत डीएम से करीब डेढ़ माह पूर्व की थी। इसके बाद बीती 26 मार्च को बीईओ ने विद्यालय पहुंचकर विद्यालय का औचक निरीक्षण किया।

जिसमें प्रधान शिक्षिका सुबह 10 बजे तक विद्यालय नहीं पहुंची थी। लोगों की शिकायत थी कि विद्यालय समय से न आने के चलते उनका ग्राम प्रधान से अक्सर विवाद होता रहता था। वहीं बांगरमऊ के ही गांव मुन्नीपुरवा स्थित प्राथमिक विद्यालय का बीएसए ने सोमवार को औचक निरीक्षण किया।
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इस दौरान विद्यालय में प्रधान शिक्षिका के पद पर तैनात कमलेश कुमारी अनुपस्थित मिलीं और उनका अनुपस्थिति पत्र भी नहीं था। इसके अलावा जांच में छात्रों की लिखित व मौजूदा संख्या में भी अनियमितता मिली। खाना बनाने में भी रसोइया व टीचर द्वारा बताई गई बातों में अंतर मिला। इन कारणों के चलते शिक्षिका को निलंबित कर दिया गया।

 इसके अलावा नवाबगंज क्षेत्र के गांव दिलवल के उच्च प्राथमिक विद्यालय में सहायक शिक्षिका सारिका मिश्रा को 1 मई 2011 से बिना सूचना के अनुपस्थित रहने पर उनकी सेवा समाप्त कर दी गई। बीएसए डॉ. मुकेश कुमार सिंह ने बताया कि शिक्षिका की प्रथम नियुक्ति 19 नवंबर 2001 को सिकंदरपुर करन के हड़हा प्राथमिक विद्यालय में हुई थी।

इसके बाद पदोन्नति कर उन्हें नवाबगंज स्थित दिलवल उच्च प्राथमिक विद्यालय में सहायक शिक्षिका के पद पर तैनाती दी गई थी। बताया कि 1 नवंबर 2010 से 30 अप्रैल 2011 तक का अवैतनिक अवकाश लिया था लेकिन इसके बाद से ही वह विद्यालय नहीं पहुंची। इसके बाद मंगलवार को उनकी सेवा समाप्त कर दी गई।
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