जनपद में तैनात दो शीर्ष प्रशासनिक अफसरों में तनातनी
सार्वजनिक होने लगी है। इससे आफिस का माहौल भी गर्म हो गया है। सीनियर
अफसर के जूनियर के ‘पर’ कतरने के बाद से स्थितियां काफी गंभीर हो गई हैं।
सरकारी दफ्तरों में इस मामले को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
हालांकि इस मामले में दोनों पक्ष खुले तौर पर कुछ भी कहने को तैयार नहीं
हैं।
तीन दिन पहले एक बैठक में सीनियर अफसर ने जूनियर को उनकी
कार्यशैली पर जमकर फटकार लगाई थी। वहां मौजूद एक अधिकारी ने नाम न छापने की
शर्त पर बताया कि आला अफसर ने जूनियर को बैठक में ही आड़े हाथों लिया था।
कार्यशैली समेत कई अन्य बिंदुओं पर उनकी क्लास ली थी।
इसके बाद भी
मामला शांत नहीं हुआ। दो दिन पहले जनपद के उच्चाधिकारी ने अधीनस्थ जूनियर
के ‘पर’ कतर दिए। सीनियर द्वारा की गई इस कार्रवाई के बाद मामले ने तूल
पकड़ लिया। उधर, ‘पर’ कतरे जाने से जूनियर ने भी रार ठान ली। दो प्रशासनिक
अफसरों के बीच तनातनी का मामला सुर्खियों में आ गया है।
शनिवार को
पूरे दिन दोनों अफसराें के सरकारी कार्यालयों में कार्यरत कर्मचारी इस
मामले में ही बात करते रहे। अधिकांश कर्मचारियों ने जूनियर पर हुई इस
कार्रवाई को सही बताया। सूत्रोें का कहना है कि जिस अफसर के अधिकारों में
कटौती की गई है, वे पिछले दिनों खनन व राजस्व के कुछ मामलों को लेकर चर्चा
में रहे हैं।