आगरा-एक्सप्रेस वे की जद में आने वाले तीन गांवों के
किसानों की गैर बैनामे की जमीनों की नापजोख का काम पूरा हो गया है। नायब
तहसीलदार यूपीडा ने प्रभावित किसानों की जमीन की नापजोख कर काश्तकारों के
नाम समेत सूची तैयार कर ली है। यह सूची विभाग के आला अफसरों को सौंपी
जाएगी। संभावना है कि 15 दिन में यूपीडा की ओर से आगे की कार्रवाई शुरू हो
जाएगी।
मालूम हो कि 300 किलोमीटर लंबे लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस वे में
जनपद का 65 किमी से ज्यादा क्षेत्र आ रहा है। 16 मई को बांगरमऊ तहसील के
रसूलपुर मझगवां के किसानों ने गैर बैनामे की जमीन पर कब्जा करने के आरोप
में कार्यदायी एजेंसी अपकान के मैनेजर और कर्मचारियों को जमकर पीटा था।
‘अमर
उजाला’ ने रविवार से लगातार इस मुद्दे को उठाया। आखिरकार मामला प्रदेश
सरकार तक पहुंचा तो यूपीडा के अधिकारी हरकत में आए। यूपीडा के नायब
तहसीलदार आशुतोष कुमार ने लेखपालों की सहायता से रसूलपुर मझगवां, सिरधरपुर
गैर एहतमाली और देवखरी में गैर बैनामा की जमीन की नापजोख कराई।
मझगवां
में 28 काश्तकारों के 25 गाटे (कुल क्षेत्रफल .923 हेक्टेयर), सिरधरपुर
गैर एहतमाली में 29 काश्तकारों के 21 गाटे (कुल क्षेत्रफल 1.022 हेक्टेयर)
और देवखरी में 33 काश्तकारों के 23 गाटे (कुल क्षेत्रफल 1.032 हेक्टेयर)
ऐसे निकले, जिन पर आगरा एक्सप्रेस वे के निर्माण कार्य में लगा ठेकेदार
जबरन कब्जा कर रहा था।
नायब तहसीलदार आशुतोष कुमार ने उत्तरी व
दक्षिणी तरफ की नपाई कराई। उन्होंने बताया कि तीन गांवों में नपाई का काम
पूरा हो गया है। काश्तकारों के नाम, गाटा व अन्य जानकारी एकत्रित कर सूची
तैयार कर ली गई है। इसे लखनऊ में आला अफसरों को सौंपा जाएगा।