औरास (उन्नाव)। संडीला चकलवंशी मार्ग पर कस्बा औरास में सई नदी पर बने पुल की सपोर्टिंग दीवार भी क्षतिग्रस्त हो गई। साथ ही पुल का एक और हिस्सा धंस गया। ऐसे में अब पुल से आवागमन खतरनाक हो गया है। मोहान विधायक ने पुल की मरम्मत में अनियमितता का आरोप लगाते हुए विधानसभा में मामला उठाने की बात कही है।
वर्ष 1965 में सई नदी पर बने पुल की पिछले साल 39 लाख रुपये से मरम्मत कराई गई थी। इसमें केवल पुल की रंगाई पुताई व छुटपुट काम कराकर कार्यदायी संस्था ने मरम्मत की औपचारिकता पूरी कर दी थी। इसी कारण सोमवार को पुल का जोड़ खुलने से किनारा धंस गया था। मंगलवार को पुल की एक सपोर्टिंग दीवार भी क्षतिग्रस्त हो गई और एक टुकड़ा टूट कर नीचे गिर गया। अब पुल शेष बची एक सपोर्टिंग दीवार पर ही टिका है। उसमें एक बड़ी दरार भी आई है। इससे हादसे का खतरा बढ़ गया है।
लोक निर्माण विभाग के जेई हरिशंकर श्रीवास्तव का कहना है कि ऊपरीस्तर पर सीमेंट का मसाला डालकर दरार को भर दिया गया है। शेष पुल की मरम्मत रक्षाबंधन के बाद कराई जाएगी। उधर, मामले को लेकर क्षेत्रीय विधायक बृजेश रावत ने अपने बयान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया है। बताया है कि सई नदी पुल की मरम्मत के साथ ही नए पुल की भी मांग की थी। उनका आरोप है कि पुल की मरम्मत में इंजीनियर व कार्यदायी संस्था की मिलीभगत से अनियमितता बरती गई। यह एक गंभीर मामला है। इसलिए वह 11 अगस्त को विधानसभा में मामले को रखेंगे। साथ ही मुख्यमंत्री से मिलकर क्षेत्र के करीब एक लाख लोगों के लिए नए पुल की जरूरत भी बताएंगे।
रोज औसतन 150 भारी वाहन पुल से निकलते
कस्बा औरास में सई नदी पर बना पुल हरदोई, शाहजहांपुर, उन्नाव, लखनऊ, सीतापुर को जोड़ता है। प्रतिदिन औसतन 150 भारी वाहन इस पुल से निकलते हैं। इनमें ज्यादातर मौरंग, गिट्टी, बालू, सरिया व सीमेंट आदि लदे ड्रक, डंपर, ट्रॉला जैसे वाहन शामिल रहते हैं।
इसके साथ ही यह पुल नगर पंचायत के साथ विकासखंड औरास के लोधई, शीशी, सीमऊ, सरौंद, पूराचांद व कबराई सहित 106 गांवों को जोड़ता है। करीब एक लाख ग्रामीण से अधिक लोग मुख्यालय जाते हैं। एंबुलेंस भी इसी रास्ते से गुजरती हैं।
सईं नदी पुल की टूटी सपोर्टिंग वॉल। - फोटो : सईं नदी पुल की टूटी सपोर्टिंग वॉल।