बताते चलें कि उन्नाव-शुक्लागंज मार्ग को फोरलेन करने के निर्णय के बाद शहर में छोटा चौराहा से अताउल्ला नाले के पास तक फैले अतिक्रमण को हटाने पर पिछले कई महीनों से प्रशासनिक स्तर पर चर्चा शुरू थी। मंगलवार को जिला प्रशासन ने फैसला लेते हुए फोरलेन निर्माण की जद में आ रहे अवैध निर्माणों को ढहाने की प्रक्रिया शुरू कर दी। लेखपालों ने नापजोख की प्रक्रिया शुरू की तो आधे से ज्यादा दुकानें व मकान अतिक्रमण की जद में आ गए। टीम में शामिल लेखपालों के मुताबिक छोटा चौराहे से अताउल्ला नाले तक रोड 22 मीटर चौड़ी रखी जाएगी। जल्द ही दोनों तरफ यहां 11-11 मीटर तक निर्माण ध्वस्त किए जाएंगे।
अताउल्ला नाले पर बनी पुलिया को चौड़ा करने के लिए टेंडर भी खुलवा दिया गया। इस पर जल्द ही काम शुरू होना है। सिर पर छत और रोजी-रोटी छिनते देख यहां के दुकानदार बुधवार को बाजार बंद कर डीएम कार्यालय पहुंचे। यहां पर सभी ने डीएम को प्रेषित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपते हुए कहा कि प्रशासन द्वारा जो सड़क को दोनों ओर 12 मीटर चौड़ा करने की योजना बनाई जा रही है यह दुकानदारों के हित में नहीं है। इसमें अधिकतर दुकानें पूरी तरह से ध्वस्त हो जाएंगी। व्यापारियों ने कहा कि वह लोग यहां पर लगभग सौ वर्षों से व्यापार कर अपने परिवार की जीविका चला रहे हैं। व्यापारियों ने जिला प्रशासन से इस निर्णय पर दोबारा विचार करने व सड़क को कम चौड़ा करने और इस अभियान के लिए उन्हें मोहलत देने की मांग की है। कुछ व्यापारियों ने प्रशासन की इस कार्रवाई की खुलकर खिलाफत करने की भी बात कही है। इसके बाद सभी व्यापारी सपा की विधानसभा प्रभारी मनीषा दीपक से मिले और उन्हें अपनी समस्या से अवगत कराया।