उन्नाव। लखनऊ-कानपुर हाईवे पर बंथर औद्योगिक क्षेत्र स्थित फैक्टरी से घर जा रहे साइकिल सवार श्रमिक को लखनऊ की ओर जा रही तेज रफ्तार कार ने कुचल दिया। उसकी मौैके पर ही मौत हो गई। सूचना पर पहुंचे परिजनों ने फैक्टरी श्रमिकों ने हाईवे पर जाम लगा दिया। करीब डेढ़ घंटे तक हाईवे पर जाम से परेशान पुलिस ने लाठियां पटक कर भीड़ को तितर बितर किया। वहीं उन्नाव-पुरवा मार्ग पर टैंकर की टक्कर से बाइक सवार आईटीआई छात्र और उसकी शादी के लिए लड़की वालों के यहां लेकर गए बिचवानी की मौत हो गई। बाइक चला रहा छात्र हेलमेट लगाए था।
सदर कोेतवाली के खंजीखेड़ा गांव निवासी रामआसरे (40) लखनऊ-कानपुर हाईवे पर अचलगंज क्षेत्र के बंथर स्थित एक चर्म इकाई में बीस साल से मजदूरी कर रहा था। बुधवार शाम 5:30 बजे वह साइकिल से घर जा रहा था। लखनऊ कानपुर हाईवे पर पहुंचते ही लखनऊ की ओर जा रही तेज रफ्तार कार उसे कुचलते हुए निकल गई। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पीछे से आ रहे अन्य फैक्टरी मजदूरों ने परिजनाें को सूचना दी। कुछ ही देर में पहुंचे परिजनों ने शव देखते ही आपा खो दिया और हाईवे पर ही जाम लगा दिया। अन्य फैक्टरी श्रमिकों ने भी मृतक के परिजनों का साथ दिया। एसओ अचलगंज डीपी सिंह ने परिजनों को समझाने का प्रयास किया। करीब डेढ़ घंटे जाम से हाईवे पर कई किमी तक वाहनों की कतारें लग गईं। काफी कोशिश के बाद भी जब भीड़ हाईवे से हटने को तैयार नहीं हुई तो पुलिस ने लाठियां पटक कर भीड़ को तितर बितर किया। इसके बाद शव को एंबुलेंस से पोस्टमार्टम हाउस भिजवाया।
अजगैन क्षेत्र के कुमेदान खेड़ा गांव निवासी रामप्रसाद का इकलौता पुत्र शिवाकांत लोधी (21) लखनऊ के हरौनी में आईटीआई कर रहा था। वह साथ में ही दही चौकी स्थित एक कंप्यूटर कैफे में काम भी करता था। पुरवा के बिछिया गांव में शिवाकांत की शादी की बात चल रही थी। उसके परिवार से जुड़े अजगैन के बुटवल गांव निवासी किसान राजाराम (58) रिश्ता तय करा रहे थे। बुधवार को वह शिवाकांत को लड़की दिखवाने के लिए साथ ले गए थे। देर शाम शिवांकात राजाराम को बाइक में बैठाकर घर लौट रहा था। उन्नाव-पुरवा मार्ग पर अजगैन थाना क्षेत्र के रायपुर बुजुर्ग गांव के पास उन्नाव से पुरवा की ओर जा रहे तेज रफ्तार टैंकर ने बाइक में पीछे से टक्कर मार दी। हादसे में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। भागने के प्रयास में टैंकर ने इसी कुमेदान खेड़ा गांव निवासी गोपाल व उसके पिता परशुराम को भी टक्कर मार दी। हालांकि पिता-पुत्र को ज्यादा चोट नहीं आई। गोपाल ने परिजनों को घटना की जानकारी और दोनों को जिला अस्पताल पहुंचाया। जहां डाक्टर ने राजाराम को मृत घोषित कर दिया। जबकि शिवाकांत की कानपुर हैलट लेकर जाते समय मौत हो गई।
तीन परिवारों में मचा कोहराम
हाईवे पर हादसे में मृतक रामआसरे चार भाइयों में दूसरे नंबर का था। करीब 15 साल पहले पत्नी की बीमार से मौत हो गई थी। उसकी मौत से बेटा रामू, अर्जुन अमरपाल समेत अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं उन्नाव-पुरवा मार्ग पर हुए हादसे में मृतक शिवाकांत चार बहनों में इकलौता था। उसकी शादी की तैयारियां कर रहे परिजनों में मातम पसर गया। इकलौते बेटे के शव को देख मां शांति बेसुध हो गई। बहनों के साथ पिता का भी रो-रोकर बुरा हाल रहा। वहीं मृतक राजाराम की पत्नी कुसुम व चार बेटों का भी बुरा हाल है।