फोटो-26-पति के अंतिम संस्कार के दूसरे दिन बच्चों के साथ गमगीन बैठी पत्नी ममता और अन्य परिजन। सं
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नवाबगंज (उन्नाव)। रतनपुरवा गांव में मंदिर की सफाई के दौरान कुल्हाड़ी से वारकर हुई युवक की हत्या की घटना में आरोपी के जेल जाने के बाद दूसरे दिन गांव में सन्नाटा पसरा रहा। पिता को लहूलुहान हालत में सीएचसी ले जाने वाला बेटा मौत को भुला नहीं पा रहा। वह उस समय को याद करता और रोने लगता है। पत्नी को बच्चों की परवरिश की चिंता सता रही है।
अजगैन कोतवाली के रतनपुरवा गांव निवासी गंगाप्रसाद लोधी उर्फ सागर (42) की रविवार तड़के 5.30 बजे उसके ही नशेबाज और मानसिक बीमार साथी राधे ने मंदिर की सफाई के दौरान कुल्हाड़ी से वार कर हत्या कर दी थी। ग्रामीणों ने बताया कि हत्या करने के बाद राधे हाथ में खून से सनी कुल्हाड़ी लिए सभी को बताते हुए जा रहा था कि सागर को निपटा दिया है।
स्थिति यह थी कि उस समय अगर कोई बोल देता तो वह उसे भी मार देता। पिता की याद में गमगीन बैठे बड़े बेटे सनी ने बताया कि पिता पर कुल्हाड़ी के हमले सूचना पर जब वह मंदिर पहुंचा तो वह खून से लथपथ पड़े थे। एंबुलेंस से सीएचसी लेकर पहुंचा, डॉक्टर को दिखाने से पहले ही उन्होंने मेरे हाथों में आखिरी सांस ली। यही नहीं मौत से पहले उन्होंने हाथ को कस के पकड़ा था, मानो कुछ कहना चाह रहे हों।
बेटा बोला कि वह मंजर आंखों से सामने से हट नहीं पा रहा है। पति की मौत से बेसुध बैठी पत्नी ममता को अपने चार बच्चों में सनी (16), गौतम (13), साहिल (10) और सूरज (8) की परवरिश की चिंता सता रही है। कहा कि उनका पेट भरने के लिए वह खुद मजदूरी करेगी। उसने पति के हत्यारोपी को फांसी की सजा दिलाने की बात कही।
बहन बोली नहीं पता था कि भाई को आखिरी बार बांध रही हूं राखी
रक्षाबंधन पर भाई गंगाप्रसाद लोधी को राखी बांधने आई भिखारीखेड़ा निवासी बड़ी बहन लीलावती की आंखों के आंसू नहीं रुक रहे थे। यह कहते हुए और भावुक हो गईं कि उन्होंने अपने छोटे भाई को गोद में खिलाया है। यह नहीं पता था कि रक्षा सूत्र बांधने का यह अंतिम अवसर होगा। इसके बाद वह कभी नहीं मिलेगा। कहा कि जिसने भी उनके भाई के साथ ऐसा किया है उसे कड़ी सजा मिलनी चाहिए।