असोहा/बछौरा। पुरवा तहसील के रामपुर गांव में शनिवार को अवैध कब्जा गिराने गई टीम को ग्रामीणों ने पथराव कर खदेड़ दिया। पुलिस और राजस्व कर्मियों ने मौके से भाग कर जान बचाई। विरोध के दौरान ही कब्जेदार के मकान में रहस्यम हालात में आग लगने से दो की गृहस्थी राख हो गई। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक कब्जेदार ने अपना बचाव करने के लिए खुद घर में आग लगा दी।
हालांकि कब्जा करने के आरोपी का कहना है कि शिकायतकर्ता ने उनके छप्पर में आग लगा दी। बुझाने का प्रयास किया तो पुलिस ने खदेड़ दिया। पुलिस ने दमकल की मदद से आग बुझाई। बवाल बढ़ते देख कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंच गई। तनाव को देखते हुए गांव में पीएसी तैनात कर दी गई है।
पुरवा तहसील के असोहा थानाक्षेत्र के रामपुर गांव निवासी बनवारीलाल ने 17 मार्च को तहसील दिवस में गांव के ही बाबूलाल और उनके भाई कमलेश पर चकरोड की जमीन पर कब्जा करने की शिकायत की थी। बनवारीलाल के मुताबिक 2008 में अवैध कब्जेदारों को बेदखल करने के आदेश दिए गए थे बावजूद इसके राजस्व विभाग ने अवैध कब्जा नहीं हटवाया। तहसील दिवस में जन शिकायतों की सुनवाई कर रहीं डीएम ने राजस्व टीम को मौके पर जाकर अवैध कब्जा हटाने के निर्देश दिए थे।
शनिवार करीब दो बजे नायब तहसीलदार एके सरोज, कानूनगो कमल किशोर मिश्रा, लेखपाल इंद्रपाल और कालूखेड़ा पुलिस चौकी इंचार्ज एके तिवारी पुलिस फोर्स के साथ गांव पहुंचे। पैमाइश में कमरे की दीवार का करीब दस फिट हिस्सा चकरोड पर होने की बात बताई गई। राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम चकरोड पर बनी दीवार को तोड़वाने लगे। बाबूलाल उसके भाई कमलेश और बेटे पिंटू ने विरोध किया। विरोध प्रदर्शन के दौरान ही भीड़ की ओर से पथराव शुरू हो गया जिसके चलते टीम को मौके से हटना पड़ा। बवाल की सूचना पर हसनगंज सीओ अशोक सिंह, पुरवा तहसील का चार्ज देख रहे बीघापुर एसडीएम मृत्युंजय राम, तहसीलदार राजेश चौरसिया और असोहा थानाध्यक्ष आरएल पटेल मौके पर पहुंचे।
विरोध प्रदर्शन के दौरान ही बाबूलाल के मकान बाहर रखे छप्पर में किसी ने आग लगा दी। आग की लपटों में बाबूलाल और उसके बहनोई मुन्नीलाल के घर जल गए। ग्रामीणों के उग्र प्रदर्शन की आशंका में सोहरामऊ, पुरवा कोतवाली और मौरावां थाना पुलिस भी मौके पर पहुंच गई।
असोहा एसओ की सूचना पर दो दमकल मौके पर पहुंचीं और आग बुझाई। सरकारी चकरोड की जमीन पर कब्जा करने के आरोपी बाबूलाल के भाई कमलेश का कहना है कि शिकायत करने वाले बनवारीलाल व उसके पक्ष के लोगों ने राजस्व कर्मियों की शह पर उसके घर में आग लगा दी। जबकि एसडीएम और सीओ ने बताया कि बवाल के दौरान कमलेश का बेटे पिंटू ने घर के पीछे से जाकर अपने ही छप्पर में आग लगा दी।
ग्रामीणों में आक्रोश को देखते हुए गांव में पीएसी को तैनात कर दिया गया है। सीओ अशोक सिंह ने बताया कि मामला शांत है किसी प्रकार के तनाव की स्थिति नहीं है। एहतियात के तौर पर पीएसी और पुलिस के जवानों को तैनात किया गया है।